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- अजेय सुद (लंगा)#जय माता लक्ष्मी #😇प्रेरणा संग शुभकामना #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🕊 चहचहाती शुभकामनाएं #💕दिल वाली शुभकामनाएं2773
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- 💥❤️🔥Asha🦋Kushwah❤️🔥💥🙏🏻जय लक्ष्मी माँ🙏🏻 #जय माँ लक्ष्मी #🙏 जय माँ लक्ष्मी #🙏जय माँ लक्ष्मी 🌸 #🙏जय माँ लक्ष्मी🌹 #जय माँ लक्ष्मी जी8991
- urmila dubey#जय मां लक्ष्मी3360
- ☞✦꯭꯭꯭𝆺꯭𝅥𝐀꯭꯭꯭ʟ꯭꯭֟፝͡ᴏ꯭ɴ꯭ᴇ꯭꯭🖤#🙏 जय संतोषी माँ 🌼 #जय मां लक्ष्मी #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🙏जय माता दी📿 #🌸शुभ शुक्रवार🙏321194
- ☞✦꯭꯭꯭𝆺꯭𝅥𝐀꯭꯭꯭ʟ꯭꯭֟፝͡ᴏ꯭ɴ꯭ᴇ꯭꯭🖤#जय मां लक्ष्मी माता #🌸शुभ शुक्रवार🙏 #📸High Contrast Photography😎2111
- Girraj Gupta#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🙏भक्ति भजन🎵 #🙏भक्ति 🌺 #🙏 भजन संग्रह 🎵 #जय मां लक्ष्मी माता1K615
- sn vyas#जय मां लक्ष्मी 🙏🌹🌷!जय माँ महालक्ष्मी!🌷🌹🙏 विराट रूप महालक्ष्मी, कमल पुष्प आसीन। ऋषि-देव सब कर रहे, आरती माँ में लीन॥ योगमाया जग जननी, दिव्य तेज चहुँ ओर। कृपा दृष्टि माँ आपकी, मेटे मन का घोर॥ अर्थ: मां महालक्ष्मी🥰 अपने विशाल और दिव्य✨️ (विराट) रूप में एक भव्य गुलाबी कमल के फूल🌸 पर विराजमान (आसीन) हैं।🌍 ब्रह्मांड के समस्त ऋषि-मुनि और देवी-देवता पूरी तरह भक्ति में डूबकर (लीन होकर) माँ की दिव्य✨️आरती कर रहे हैं। भावार्थ: यह पंक्तियां चित्र की परम दिव्यता को दर्शाती हैं। यहाँ माँ केवल धन की देवी नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्ति के रूप में प्रकट हुई हैं। जब समस्त सृष्टि के मार्गदर्शक (ऋषि) और रक्षक (देवता) स्वयं हाथ जोड़कर दीप जला रहे हैं, तो यह दिखाता है कि माँ का यह स्वरूप सर्वोपरि है। यहाँ संपूर्ण ब्रह्मांड एक सुर में माँ की आराधना कर रहा है।संपूर्ण संसार को जन्म देने वाली (जग जननी) और अपनी माया से सृष्टि को चलाने वाली माँ योगमाया का अलौकिक प्रकाश (दिव्य तेज) चारों दिशाओं में फैल रहा है। हे माँ! आपकी सिर्फ एक कृपामयी नजर ही मनुष्य के मन के गहरे से गहरे अंधकार (घोर अज्ञान या दुःख) को मिटा देती है। भावार्थ: यहाँ माँ को 'योगमाया' कहा गया है, जो इस बात का प्रतीक है कि संसार की हर हलचल उन्हीं की इच्छा से है। मनुष्य का जीवन अक्सर दुखों, चिंताओं और अज्ञानता के अंधकार से घिरा रहता है। लेकिन इन पंक्तियों का भाव यह है कि माँ की करुणा इतनी असीम है कि उनकी एक छोटी सी प्रेमपूर्ण दृष्टि भी इंसान के भीतर के डर, अज्ञान और कष्टों का पूरी तरह नाश कर सकती है। जब हम पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ ईश्वर की शरण में जाते हैं, तो समस्त ब्रह्मांडीय शक्तियां हमारे कल्याण के लिए एक साथ आ जाती हैं। मां महालक्ष्मी का यह विराट रूप केवल धन-दौलत का नहीं, बल्कि आत्मिक ज्ञान, शांति, समृद्धि और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है। अहंकार का त्याग: जब ब्रह्मा, विष्णु, महेश सहित सभी देवता और त्रिकालदर्शी ऋषि माँ के सामने सिर झुकाए खड़े हैं, तो यह संदेश मिलता है कि ईश्वर के सामने मनुष्य को अपना पद, पैसा और अहंकार छोड़ देना चाहिए। मन के अंधकार का नाश: जैसे आरती का दीपक बाहरी अंधकार को दूर करता है, वैसे ही माँ महालक्ष्मी की भक्ति हमारे मन के भीतर छिपे नकारात्मक विचारों, अज्ञान और निराशा के अंधकार को मिटाती है। सच्ची समृद्धि: माँ का यह विराट रूप हमें सिखाता है कि असली लक्ष्मी केवल तिजोरी का धन नहीं है; बल्कि मन की शांति, संतोष, बुद्धि और भक्ति ही जीवन की वास्तविक पूंजी (महालक्ष्मी) है। 🙏🌹🌷🥀🌸!!जय माँ महालक्ष्मी!!🌸🥀🌷🌹🙏218
- 💞Risha Singh💞#जय माँ लक्ष्मीजी #जय मां लक्षमी #जय माँ लक्षमी 🙏🙏 #Jai maa Lakshmi #Jai maa Lakshmi Ji1315