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#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - हिंदी कविता पुरानी वृक्ष हों भले खडे" वृक्ष हों भले खड़े . हों घने , हों बडे, एक पत्र छाँह भी मांग मत ! मांग मत! मांग मत! अग्निपथ! अग्निंपथ! अग्निपथ! तू न थकेगा कंभी तून रुकेग़ा कभी , तू न मुड़ेगा कभीः कर शपथ! कर शंषंथ! कर शपथ! अग्निपथ! अग्निपथ! अग्निपथ! Harivansh Rai हिंदी कविता पुरानी वृक्ष हों भले खडे" वृक्ष हों भले खड़े . हों घने , हों बडे, एक पत्र छाँह भी मांग मत ! मांग मत! मांग मत! अग्निपथ! अग्निंपथ! अग्निपथ! तू न थकेगा कंभी तून रुकेग़ा कभी , तू न मुड़ेगा कभीः कर शपथ! कर शंषंथ! कर शपथ! अग्निपथ! अग्निपथ! अग्निपथ! Harivansh Rai - ShareChat