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#सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम)
सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम) - राजनीति को गंदा बताने वाले प्रायः तथ्यों की गहराई पर ध्यान नहीं देते राजनीति इतनी पवित्र शक्ति है जो कि संसार के सब जीवों एवं प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का सबके हितों को संरक्षण देने को निरंतर प्रयास करती है प्रयासरत रहती है दुनिया मे मनुष्य के आस पास जो ಖTuT कुछ भी सुंदरता व निर्भयता से सुसज्जित व्यवस्था दिखाई देती है वह राजनीति की पवित्र भावना को स्पष्ट करती है के बीच कुछ और यदि ८०० करोण के विशाल जन समूह अव्यवस्था है तो शायद वह और उनके प्रति दायित्वों एवं चुनौतियों संदर्भ में बहुत थोड़ी है वास्तव मे तो स्वच्छता ही जैसे गंदगी को हटा स्थाई और आकर्षक होती है गंदगी नहीं देने से कोई स्थान स्वच्छ हो जाता है वैसे ही राजनीति को भी स्थाई रूप से स्वच्छ रखा जा सकता है सबक, सतर्कता और से ! इसे एक पुण्य कर्म और पवित्र जिम्मेदारी के जागरूकता रूप मे स्वीकार करके राजनीति को गंदा बताने वाले प्रायः तथ्यों की गहराई पर ध्यान नहीं देते राजनीति इतनी पवित्र शक्ति है जो कि संसार के सब जीवों एवं प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का सबके हितों को संरक्षण देने को निरंतर प्रयास करती है प्रयासरत रहती है दुनिया मे मनुष्य के आस पास जो ಖTuT कुछ भी सुंदरता व निर्भयता से सुसज्जित व्यवस्था दिखाई देती है वह राजनीति की पवित्र भावना को स्पष्ट करती है के बीच कुछ और यदि ८०० करोण के विशाल जन समूह अव्यवस्था है तो शायद वह और उनके प्रति दायित्वों एवं चुनौतियों संदर्भ में बहुत थोड़ी है वास्तव मे तो स्वच्छता ही जैसे गंदगी को हटा स्थाई और आकर्षक होती है गंदगी नहीं देने से कोई स्थान स्वच्छ हो जाता है वैसे ही राजनीति को भी स्थाई रूप से स्वच्छ रखा जा सकता है सबक, सतर्कता और से ! इसे एक पुण्य कर्म और पवित्र जिम्मेदारी के जागरूकता रूप मे स्वीकार करके - ShareChat