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#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए बशीर बद्र साहब ( February १५/१९३५ to May २8/२०२६ ) उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए बशीर बद्र साहब ( February १५/१९३५ to May २8/२०२६ ) - ShareChat