ShareChat
click to see wallet page
search
#गुलज़ार की शायरी
गुलज़ार की शायरी - कुछ दिल की मजबूरी थी कुछ क़िस्मत के मारे थे, 81క साथ वो भी गए সী তান ম মী ঘং থ कुछ दिल की मजबूरी थी कुछ क़िस्मत के मारे थे, 81క साथ वो भी गए সী তান ম মী ঘং থ - ShareChat