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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa २8.0४.२०२६मंगलवार हास्य व्यंग सत्तापक्ष जो सच बोलता है वह विपक्ष को झूंठु लगता है इसका कोई इलाज नहीं विवेकहीन दोनों नहीं उपदेश दोनों हैं अनुपालक दोनों नहीं! Status (Contacts) + # Aa २8.0४.२०२६मंगलवार हास्य व्यंग सत्तापक्ष जो सच बोलता है वह विपक्ष को झूंठु लगता है इसका कोई इलाज नहीं विवेकहीन दोनों नहीं उपदेश दोनों हैं अनुपालक दोनों नहीं! Status (Contacts) + # - ShareChat