Pt Vinod Pandey 🚩
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​🌺 महानवमी व बुधवार संयोग: जगदम्बा दुर्गा व गणेश पूजा से बाधा मुक्ति 🔱 ​आज बुधवार और गुप्त नवरात्रि की महानवमी का यह पावन संगम समस्त ऊपरी बाधाओं के शमन और यश-प्रतिष्ठा की प्राप्ति के लिए अमोघ है: ​माँ दुर्गा की नवमी साधना: 'रिक्ता' व 'उग्र' संज्ञक इस नवमी तिथि की साक्षात अधिष्ठात्री देवी स्वयं माता दुर्गा जी हैं। आज भगवती को गुड़हल या लाल गुलाब के पुष्प अर्पित करें तथा लाल चुनरी चढ़ाएं। पूजन के उपरांत दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें; इससे परिवार पर आई हर प्रकार की ऊपरी बाधा, रोग और भय का तत्काल निवारण होता है। गुप्त नवरात्रि की पूर्णाहुति पर आज माता को विभिन्न प्रकार के अनाज का भोग लगाएं, जिससे विपुल वैभव और कीर्ति मिलती है। ​विघ्नहर्ता गणेश आराधना: आज बुधवार को गणपति बाप्पा को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा घास अर्पित कर लड्डुओं या गुड़ का भोग लगाने से जीवन के समस्त विघ्न-बाधाएं दूर होते हैं। ​📜 चातुर्मास्य व्रत महिमा व संकल्प विधान (25 जुलाई से आरम्भ - भाग 2) 📿 ​आगामी 25 जुलाई 2026, शनिवार (देवशयनी एकादशी) से आरम्भ हो रहे चातुर्मास के मुख्य आध्यात्मिक नियम एवं सनातन सिद्धांत (पद्म व स्कंद पुराणानुसार): ​जल शुद्धि व स्नान महिमा: चातुर्मास में जल की शुद्धि रहती है। नदियों/संगमों में स्नान कर पितृ-देव तर्पण करने से अनंत फल मिलता है। रात्रि, संध्याकाल व गर्म जल से स्नान का त्याग करें। जल में तिल, आँवला या बिल्वपत्र डालकर "ॐ नमः शिवाय" का जप करते हुए स्नान करने से नित्य महान पुण्य मिलता है और वायु विकार दूर होते हैं। ​दान व जीव-दया (सनातन धर्म): चातुर्मास में अन्न, जल, गो-दान, दूध, दही, घी व मट्ठे का दान महाफलदायी है। प्राणियों के प्रति दया रखना ही सच्चा सनातन धर्म है। ​सत्संग व हरि कीर्तन: इन चार महीनों में स्वाध्याय, श्रीमद्भागवत/पुराण श्रवण, संतों के दर्शन और भगवान विष्णु के नाम का संकीर्तन व जप करने से कोटि-गुना फल मिलता है। ​व्रत संकल्प विधान: देवशयनी एकादशी के दिन भगवान के सम्मुख संकल्प लें— "हे प्रभु! मैं आपकी प्रसन्नता के लिए अमुक सत्कर्म करूँगा।" अहिंसा, सत्यभाषण, इंद्रिय संयम, क्षमा, सरलता और चित्त को हरि चरणों में समर्पित कर व्रत का निष्ठापूर्वक पालन करें। ​⚠️ विशेष सावधानियां, भोजन नियम और कड़े शास्त्रोक्त निषेध 🚫 ​लौकी वर्जना (गौ-मांस तुल्य पाप): आज नवमी तिथि होने के कारण लौकी का सेवन पूरी तरह वर्जित (त्याज्य) है। ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, नवमी को लौकी खाना साक्षात गौ-मांस खाने के समान घोर पाप है। 🚫 ​कद्दू (कोहड़ा) वर्जना: नवमी तिथि को काशीफल (कद्दू/कोहड़ा) का भक्षण और दान दोनों ही त्याज्य बताए गए हैं। ​दरिद्रता नाशक नियम: जो जातक अपने जीवन में अक्षय लक्ष्मी और प्रतिष्ठा चाहते हैं, वे रात के समय दही और सत्तू का सेवन कभी न करें; यह शास्त्रों में दारिद्र्य और नरक का कारण बताया गया है। ​राहुकाल व दिशाशूल: आज दोपहर 12:45 से दोपहर 02:24 तक राहुकाल रहेगा, जिसमें शुभ संकल्प टालें। आज उत्तर दिशा में दिशाशूल प्रभावी है, अतः इस दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। 🚩 ​🙏 आज का मंगल आशीर्वाद: ​"गोवर्धन धरं वन्दे गोपालं गोप रुपिणिम्। नारायण नारायण! जय माँ सिद्धिदात्री! जय श्री गणेश! हर हर महादेव!" ​गुप्त नवरात्रि महानवमी, परशुरामष्टमी, बुधाष्टमी और स्वाती नक्षत्र के इस पावन महासंयोग पर साक्षात आद्याशक्ति माँ दुर्गा, विघ्नहर्ता गणेश, भगवान परशुराम और लक्ष्मी-नारायण की संयुक्त असीम अनुकंपा आपके जीवन से समस्त व्याधियों, शत्रुओं और बाधाओं का समूल नाश करे; आपको विपुल वैभव, तीक्ष्ण बुद्धि और अखंड यश का वरदान प्राप्त हो।! 🚩 ​#नवमी #महानवमी #गुप्त_नवरात्रि #आषाढ़_शुक्ल_पक्ष #बुधवार #स्वाती_नक्षत्र #बुधाष्टमी #परशुरामष्टमी #दुर्गा_पूजा #चातुर्मास_नियम #लौकी_निषेध #SnatanaDharma ⚛️ #ज्योतिष #jyotish #astrology #VKJPandey #VinodPandey ji 🚩 ​।।। नारायण नारायण ।।। जय लक्ष्मी नारायण ।।। हर हर महादेव ।।। #🔯ज्योतिष #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #💰धन के लिए वास्तु टिप्स🔯 #🔯वास्तु दोष उपाय
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