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#राम #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏 जय हनुमान #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺
राम - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः 30 रघुपति बिमुख जतन कर कोरी। भव बंधन छोरी। | कवन सकइ जीव चराचर बस कै राखे। माया प्रभु सों भय भाखे।। १९९/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस श्री रघुनाथ जी विमुख रहकर मनुष्य जो भावार्थ चाहे करोड़़ों उपाय कर ले , परंतु उसका संसार कौन छुड़ा सकता है। जिसने (माया ने)सब चराचर जीवों को अपने वश में कर रखा है ,वह माया भी प्रभु (श्रीराम जी) से भय खाती है। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः 30 रघुपति बिमुख जतन कर कोरी। भव बंधन छोरी। | कवन सकइ जीव चराचर बस कै राखे। माया प्रभु सों भय भाखे।। १९९/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस श्री रघुनाथ जी विमुख रहकर मनुष्य जो भावार्थ चाहे करोड़़ों उपाय कर ले , परंतु उसका संसार कौन छुड़ा सकता है। जिसने (माया ने)सब चराचर जीवों को अपने वश में कर रखा है ,वह माया भी प्रभु (श्रीराम जी) से भय खाती है। - ShareChat