ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - 46111 56111 2.25 @ 84% Vo 5.50 NR2 KBIs शिवतांडवस्तोत्रम् धरा-्धरेन्द्र नंदिनीविलास-बन्धु-बन्धुर स्फुर- द्दिगन्त सन्ततिप्रमोद ्मान-मानसे। कृपा-कटाक्ष धोरणी निरुद्ध दुर्धरापदि क्वचि द्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि Il3 Il पर्वतराजसुता (पार्वती जी) के विलासमय रमणीय {जो कटाक्षों में परम आनन्दित चित्त रहते हैं, जिनके मस्तक में सृष्टि एवं प्राणीगण वास करते हैं, तथा जिनकी सम्पूर्ण  कृपादृष्टि मात्र से भक्तों की समस्त विपत्तियां दूर हो जाती हैं ऐसे दिगम्बर (आकाश को वस्त्र सामान धारण करने वाले) शिवजी की आराधना से मेरा चित्त सर्वदा आनन्दित रहे।} 46111 56111 2.25 @ 84% Vo 5.50 NR2 KBIs शिवतांडवस्तोत्रम् धरा-्धरेन्द्र नंदिनीविलास-बन्धु-बन्धुर स्फुर- द्दिगन्त सन्ततिप्रमोद ्मान-मानसे। कृपा-कटाक्ष धोरणी निरुद्ध दुर्धरापदि क्वचि द्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि Il3 Il पर्वतराजसुता (पार्वती जी) के विलासमय रमणीय {जो कटाक्षों में परम आनन्दित चित्त रहते हैं, जिनके मस्तक में सृष्टि एवं प्राणीगण वास करते हैं, तथा जिनकी सम्पूर्ण  कृपादृष्टि मात्र से भक्तों की समस्त विपत्तियां दूर हो जाती हैं ऐसे दिगम्बर (आकाश को वस्त्र सामान धारण करने वाले) शिवजी की आराधना से मेरा चित्त सर्वदा आनन्दित रहे।} - ShareChat