ShareChat
click to see wallet page
search
बरगद की जटाओं के तले आज फिर, एक प्रार्थना ने शीश झुकाया होगा। किसी सावित्री ने अपने प्रेम के लिए, फिर से चिरायु का वरदान पाया होगा। ये केवल कच्चे सूत के फेरे नहीं हैं... इन धागों में लिपटी है एक स्त्री की अखंड निष्ठा, उसका निस्वार्थ समर्पण,और जीवन भर की वह मौन साधना, जो कभी शब्दों में नहीं कही जाती..! #❣️Love you ज़िंदगी ❣️ #💓 मोहब्बत दिल से #vat shavitri status #patipatni #🍚वट सावित्री का स्पेशल प्रसाद🥥
❣️Love you ज़िंदगी ❣️ - फिर नीचे आज वृक्ष के वट होगी, एक प्रार्थना झुकी किसी सावित्री ने अपने प्रेम के लिए फिर उम्र माँगी होगी। सिर्फ धागे नहीं बाँधती स्त्रियाँ वट के तने पर॰ वे अपनी निष्ठा, अपना समर्पण और पूरे जीवन की मौन तपस्या बाँध देती हैं। OPPOAI Generated 57 फिर नीचे आज वृक्ष के वट होगी, एक प्रार्थना झुकी किसी सावित्री ने अपने प्रेम के लिए फिर उम्र माँगी होगी। सिर्फ धागे नहीं बाँधती स्त्रियाँ वट के तने पर॰ वे अपनी निष्ठा, अपना समर्पण और पूरे जीवन की मौन तपस्या बाँध देती हैं। OPPOAI Generated 57 - ShareChat