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#इतिहास स्मृति
इतिहास स्मृति - हम इतिहास से कुछ सीखू लें| २३ 7 स्मृति दुखद 1757 २) १८२७ : रॉबट कैँलाइव कै नेतृत्व में अंग्रेज सेना एवं बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के मध्य प्रारम्भ व शीघ्र ही ४० मिनट में समाप्त | सलैद् ज़रुद्दीला व की १८,००० की सेना, अंग्रेजों की मात्र ३०० की सेना के सम्मुख देशद्रोही मीर जाफर के जानबूझकर आत्मसमर्पण कारण हार गई | भारत पर अंग्रेजों का शासन प्रारम्भ हो गया रॉबर्ट क्लाईव ने अपनी डायरी में लिखा है की "जब हम लोग गद्दारी से जीतकर मुर्शिदाबाद की ओर स्थानीय निवासी २ किलोमीटर तक बढ रहे थे [ೆ सड़क के दोनों किनारे खड़े होकर हमारे स्वागत में जय जयकार कर रहे थे | उन लोगों ने यदि एक एक पत्थर भी उठाकर हमें मारा होता तो हम सब वहीं पर तुरंत मारे गए होते एवं फिर भारत को गुलाम बनाना अत्यंत कठिन हो जाता | हम इतिहास से कुछ सीखू लें| २३ 7 स्मृति दुखद 1757 २) १८२७ : रॉबट कैँलाइव कै नेतृत्व में अंग्रेज सेना एवं बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के मध्य प्रारम्भ व शीघ्र ही ४० मिनट में समाप्त | सलैद् ज़रुद्दीला व की १८,००० की सेना, अंग्रेजों की मात्र ३०० की सेना के सम्मुख देशद्रोही मीर जाफर के जानबूझकर आत्मसमर्पण कारण हार गई | भारत पर अंग्रेजों का शासन प्रारम्भ हो गया रॉबर्ट क्लाईव ने अपनी डायरी में लिखा है की "जब हम लोग गद्दारी से जीतकर मुर्शिदाबाद की ओर स्थानीय निवासी २ किलोमीटर तक बढ रहे थे [ೆ सड़क के दोनों किनारे खड़े होकर हमारे स्वागत में जय जयकार कर रहे थे | उन लोगों ने यदि एक एक पत्थर भी उठाकर हमें मारा होता तो हम सब वहीं पर तुरंत मारे गए होते एवं फिर भारत को गुलाम बनाना अत्यंत कठिन हो जाता | - ShareChat