Rajnee Gupta
शक्तिशाली संकल्प केवल सोचने से नहीं बनते,
वे एक पवित्र आत्मा से जन्म लेते हैं।
जब आत्मा ईश्वर के प्रेम में डूब जाती है, तो भीतर की अशुद्धियाँ स्वयं मिटने लगती हैं। और जैसे-जैसे आत्मा पवित्र होती है, वैसे-वैसे उसके हर संकल्प में शांति, शक्ति और शुभता भरने लगती है।
ईश्वर से जुड़ना केवल भक्ति नहीं,
अपने विचारों को दिव्य बनाने की सबसे सुंदर यात्रा है। #📃लाइफ कोट्स ✒️