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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - जैन যুনীল मैं नाास्तिक क्यों हूँ ? सीता को कौन ले गया = राम को नहीं मालूम. सीता को कहों ले गया = राम को नहीं मालूम. रावण केसे मरेगा - राम को नहीं मालूम॰ लक्ष्मण ठीक कैसे होँगे = राम को नहीं मालूम॰ यहों तक कि राम अपने दोनों वेटों को भी नहीं पहचान पाए और उनसे युद्न करने के लिए पूरी सेना भेज दी॰ तो तुम्हें क्या लगता है, इतना पूजा-पाठ करने से राम तुम्हें पहचान लेंगे ? ओशो जैन যুনীল मैं नाास्तिक क्यों हूँ ? सीता को कौन ले गया = राम को नहीं मालूम. सीता को कहों ले गया = राम को नहीं मालूम. रावण केसे मरेगा - राम को नहीं मालूम॰ लक्ष्मण ठीक कैसे होँगे = राम को नहीं मालूम॰ यहों तक कि राम अपने दोनों वेटों को भी नहीं पहचान पाए और उनसे युद्न करने के लिए पूरी सेना भेज दी॰ तो तुम्हें क्या लगता है, इतना पूजा-पाठ करने से राम तुम्हें पहचान लेंगे ? ओशो - ShareChat