प्यारे
रूठे चाहे राजा वा से कछु नहीं काजा,एक तू ही महाराजा और कौन को सराहिए
रूठे चाहे भाई वा ते कछु ना भलाई,एक तू ही है सहाई और कौन पास जाइए
रूठ जाय चाहे शत्रु और मित्र आठों याम,एक तेरे चरनन के नेह को निभाइए
क्योंकी जग सारा झूठा एक तू ही है अनूठा
रूठ जाय चाहे सारा जग तू ना रूठन चाहिए
Radha Krishna 💐💐 #🤗जया किशोरी जी🕉️


