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#गन्ने! मेरे भाई!
गन्ने! मेरे भाई! - इक्ष्वाकु वंश के आदि पुरुष गन्ने! मेरे भाई!! रेशे रेशे में रस और रगनरग में मिठास का जस ri तो प्यारे भाई गन्ने! इक्ष्वाकु वंश के आदर्श! ! तुम्हारा वही हश्र होगा जो होता आया है-- पोरी-पोरी काटेंगे लोग तुम्हें चूस- चूसकर खाएँगे चरखियों में पेलेंगे आख़िरी बूँद तक निचोड़ेंगे किसी भी क़ीमत पर तुम्हें ज़िन्दा नहीं छोड़ेंगे तुम्हारे वल्कल जैसे छिलकों तक को सुखाएँगे तुम्हारे ही रस से गुड़ या शक्कर बनाने वाली भट्ठी में ईंधन बनाकर स्तत्राागे | इक्ष्वाकु वंश के आदि पुरुष गन्ने! मेरे भाई!! रेशे रेशे में रस और रगनरग में मिठास का जस ri तो प्यारे भाई गन्ने! इक्ष्वाकु वंश के आदर्श! ! तुम्हारा वही हश्र होगा जो होता आया है-- पोरी-पोरी काटेंगे लोग तुम्हें चूस- चूसकर खाएँगे चरखियों में पेलेंगे आख़िरी बूँद तक निचोड़ेंगे किसी भी क़ीमत पर तुम्हें ज़िन्दा नहीं छोड़ेंगे तुम्हारे वल्कल जैसे छिलकों तक को सुखाएँगे तुम्हारे ही रस से गुड़ या शक्कर बनाने वाली भट्ठी में ईंधन बनाकर स्तत्राागे | - ShareChat