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#जीवन की सच्ची बातें
जीवन की सच्ची बातें - लिए  मर गए, कभी वोटों के कभी नोटों के লিৎ TS.. कभी जात-्पात के नाम पर मर गए, कभी आपस में 2 गज जमीनों के लिए मर गए...!! होते अगर आज वीर भगत सिंह तो कहते सुखदेव हम भी किन कमीनों के लिए 4R मर गए॰..!! Motluatlon Shluunh ' तजुर्बा कहता है कि॰ हैसियत का परिचय तब देना चाहिए, जब बात आत्मसम्मान की हो, वरना सादगी से बड़ा कोई परिचय नहीं होता इंसान का.. ! लिए  मर गए, कभी वोटों के कभी नोटों के লিৎ TS.. कभी जात-्पात के नाम पर मर गए, कभी आपस में 2 गज जमीनों के लिए मर गए...!! होते अगर आज वीर भगत सिंह तो कहते सुखदेव हम भी किन कमीनों के लिए 4R मर गए॰..!! Motluatlon Shluunh ' तजुर्बा कहता है कि॰ हैसियत का परिचय तब देना चाहिए, जब बात आत्मसम्मान की हो, वरना सादगी से बड़ा कोई परिचय नहीं होता इंसान का.. ! - ShareChat