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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 17.6 74/ आजादी से पूर्व वाले अनपढ़ थे वो अंग्रेजों की गुलामी करते थे आज के पढ़े लिखे करने वाले गुलामी কল गुलामी करते हैं की गंवार से गए बीते शासन में हैं! Status (Contacts) + # Aa 17.6 74/ आजादी से पूर्व वाले अनपढ़ थे वो अंग्रेजों की गुलामी करते थे आज के पढ़े लिखे करने वाले गुलामी কল गुलामी करते हैं की गंवार से गए बीते शासन में हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat