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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 16.6.2026 प्रकार के होते हैकुछ मंदिर में जाते = HHI दान दक्षिणा चढ़ाने धक्के देकर आते हैं मन की अभिलाषा पूरी करते हैं कुछ मंदिर जाते हैं ठाकुर को प्रसाद चढ़ाने ठाकुर का प्रसाद भी हैं ट्रस्टीनभ्रष्टि मिलकर बेच खाते हैं दान चुराते 8 दक्षिणा चुराते हैं कुछ चोर ऐसे होते हैं जो मिल बांट कर खाते मंदिर के बाहर खड़े होते हैं नए जूते aur ` कर खुश होते हैं कुछ याचक मजबूर होते हैं जो मंदिर के बाहर बैठे रहते हैं प्रसाद के इंतजार में लातों से पीटे जाते हैं व्यथा गालियां खाते हाथों कथा भक्ति अलगन२ है राजनेता इन सब का बाप है ईनको गुलाम   बना के रखता है यही तो सब गलत धंधे करवाता है बदनाम है क्योंकि वह चल करके వ # भगवान आता नहीं नहीं किसी को रोकता नहीं किसी को टोकता लोग कहते कि बलवान   है!४४ भक्त Status (Contacts) + 2 Aa 16.6.2026 प्रकार के होते हैकुछ मंदिर में जाते = HHI दान दक्षिणा चढ़ाने धक्के देकर आते हैं मन की अभिलाषा पूरी करते हैं कुछ मंदिर जाते हैं ठाकुर को प्रसाद चढ़ाने ठाकुर का प्रसाद भी हैं ट्रस्टीनभ्रष्टि मिलकर बेच खाते हैं दान चुराते 8 दक्षिणा चुराते हैं कुछ चोर ऐसे होते हैं जो मिल बांट कर खाते मंदिर के बाहर खड़े होते हैं नए जूते aur ` कर खुश होते हैं कुछ याचक मजबूर होते हैं जो मंदिर के बाहर बैठे रहते हैं प्रसाद के इंतजार में लातों से पीटे जाते हैं व्यथा गालियां खाते हाथों कथा भक्ति अलगन२ है राजनेता इन सब का बाप है ईनको गुलाम   बना के रखता है यही तो सब गलत धंधे करवाता है बदनाम है क्योंकि वह चल करके వ # भगवान आता नहीं नहीं किसी को रोकता नहीं किसी को टोकता लोग कहते कि बलवान   है!४४ भक्त Status (Contacts) + 2 - ShareChat