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#गुलमोहर #🏵️ गुलमोहर...🏵️ #गुलमोहर बहरला
गुलमोहर - সনীপ্া ক্ধা  गुलमोहर कहते है, गुलमोहर वर्ष भर नहीं खिलता। वह अपनी समूची आभा जून के नाम सुरक्षित रखता है। मानो उसे विश्वास हो कि ऋतुएँ चाहे जितनी बदल जाएँ, एक महीना ऐसा अवश्य आएगा जो उसके मौन को रंगों में बदल देगा। यह प्रतीक्षा वैसी ही है जैसे किसी प्रेमी के हृदय में पुराने  अब भी एक जून जीवित हो - उसकी ब्याही हुई प्रेयसी Uq कुछ दिनों के लिए मायके आती है और वर्षों से बुझी आँखों में एक बार फिर उजाला उतर आता है। वे मिलते नहीं, सिर्फ़ एक-दूसरे के होने का समाचार जीवन को फिर से हरा कर देता है। गुलमोहर भी शायद इसी विरह का वृक्ष है - जो पूरे वर्ष अपने भीतर अग्नि-से लाल फूलों को सँजोए रखता है, और जून " के स्पर्श से उन्हें एक साथ बिखेर देता है। पृथ्वी पर " कुछ प्रेम मिलन से नहीं, प्रतीक्षा की दीर्घ साधना से अमर होते हैं। সনীপ্া ক্ধা  गुलमोहर कहते है, गुलमोहर वर्ष भर नहीं खिलता। वह अपनी समूची आभा जून के नाम सुरक्षित रखता है। मानो उसे विश्वास हो कि ऋतुएँ चाहे जितनी बदल जाएँ, एक महीना ऐसा अवश्य आएगा जो उसके मौन को रंगों में बदल देगा। यह प्रतीक्षा वैसी ही है जैसे किसी प्रेमी के हृदय में पुराने  अब भी एक जून जीवित हो - उसकी ब्याही हुई प्रेयसी Uq कुछ दिनों के लिए मायके आती है और वर्षों से बुझी आँखों में एक बार फिर उजाला उतर आता है। वे मिलते नहीं, सिर्फ़ एक-दूसरे के होने का समाचार जीवन को फिर से हरा कर देता है। गुलमोहर भी शायद इसी विरह का वृक्ष है - जो पूरे वर्ष अपने भीतर अग्नि-से लाल फूलों को सँजोए रखता है, और जून " के स्पर्श से उन्हें एक साथ बिखेर देता है। पृथ्वी पर " कुछ प्रेम मिलन से नहीं, प्रतीक्षा की दीर्घ साधना से अमर होते हैं। - ShareChat