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#☝आज का ज्ञान #☝अनमोल ज्ञान #sant Kabir vani #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👉 लोगों के लिए सीख👈
☝आज का ज्ञान - बोषसागर १८८० ९६ मार्गकी टट्टी है॰ उसी प्रकार गुरु   मूर्तिका ध्यान और उसकी भक्ति, ज्ञानद्वारकी ೩/ कुंजी आदि अर्थात् अपने भोजन, छाजन ৭ ০~না ক্তম্ত যানা r7g6 सम्बन्धी होवे॰ सो सब प्रथम परमात्मा पदार्थ को अर्पण करले तब स्वयम सुवीकार करना | ೩ किसी देवी कोइ भी पदाथ जो प्रथम देवताका अर्पण डे चुका हो उसे सत्यपुरुषके भक्ति करनवालको कदापि ग्रहण  எf7 57 अपन काममॅ कभा भा न करना 7 लान चाहिये क्योंकि   सत्यपुरुषको किये बिना किस्ी भी अपण महापाप है और जो पदार्थ ढूसरे देवी ஈ 77 কনো वह   सत्यपुरुषको अर्पण हो नहीं दिवताका भोग गया लग सकता   क्योंकि दूसरे देवका   अर्पित পনাথ सत्यप्ुरुषको करना एक तुच्छ सेवकके जूठे पदार्थका बादशाहको अर्पण अरपण करनेके तुल्य महान और अनर्थका कर्ता है अपराध লদাই   নিনা মী কনাণি কষীহ বনার্থ सत्यपुरुषको भाग करके किसी पढ़ार्थको ग्रहण न कर | जो सत्यपुरुषको अर्पण अमृत समान मिलता है इसलिये ग्रहण करता है उसका फल उचित कि॰ भोजन आदि अत्यन्त ओर शुद्ध स्च्छ कामम लाव न झूठे का संग  १-न   झूठ बोलिना न झूठ वचन देना, करना और न झूठेसे किसी प्रकारका ब्यवहार करना | १२ न चोरी करना न चोरोंको साथ देना,न उनकी सम्मतिम सहमत होना, न उनको   सम्मति उनका माल लेना, देना न न उनके निकट जाना ಞ   ೫ खेलना, १३  जूआ 7 जूआ महान   दुखका बोषसागर १८८० ९६ मार्गकी टट्टी है॰ उसी प्रकार गुरु   मूर्तिका ध्यान और उसकी भक्ति, ज्ञानद्वारकी ೩/ कुंजी आदि अर्थात् अपने भोजन, छाजन ৭ ০~না ক্তম্ত যানা r7g6 सम्बन्धी होवे॰ सो सब प्रथम परमात्मा पदार्थ को अर्पण करले तब स्वयम सुवीकार करना | ೩ किसी देवी कोइ भी पदाथ जो प्रथम देवताका अर्पण डे चुका हो उसे सत्यपुरुषके भक्ति करनवालको कदापि ग्रहण  எf7 57 अपन काममॅ कभा भा न करना 7 लान चाहिये क्योंकि   सत्यपुरुषको किये बिना किस्ी भी अपण महापाप है और जो पदार्थ ढूसरे देवी ஈ 77 কনো वह   सत्यपुरुषको अर्पण हो नहीं दिवताका भोग गया लग सकता   क्योंकि दूसरे देवका   अर्पित পনাথ सत्यप्ुरुषको करना एक तुच्छ सेवकके जूठे पदार्थका बादशाहको अर्पण अरपण करनेके तुल्य महान और अनर्थका कर्ता है अपराध লদাই   নিনা মী কনাণি কষীহ বনার্থ सत्यपुरुषको भाग करके किसी पढ़ार्थको ग्रहण न कर | जो सत्यपुरुषको अर्पण अमृत समान मिलता है इसलिये ग्रहण करता है उसका फल उचित कि॰ भोजन आदि अत्यन्त ओर शुद्ध स्च्छ कामम लाव न झूठे का संग  १-न   झूठ बोलिना न झूठ वचन देना, करना और न झूठेसे किसी प्रकारका ब्यवहार करना | १२ न चोरी करना न चोरोंको साथ देना,न उनकी सम्मतिम सहमत होना, न उनको   सम्मति उनका माल लेना, देना न न उनके निकट जाना ಞ   ೫ खेलना, १३  जूआ 7 जूआ महान   दुखका - ShareChat