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#❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #गीता #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏गीता ज्ञान🛕
❤️जीवन की सीख - ममैवांशो जीवलोके जीवभूतः सनातनः | মনঃপত্তানীল্সিমাতি সব্ৃনিস্োনি ব্ূর্ণনি Il इस देहमें यह सनातन जीवात्मा मेरा ही अंश स्थित मन और पाँचों हैं * और वही इन प्रकृतिमें इन्द्रियोंको आकर्पण करता हैं Il ७ ।l शरीरं यदवाप्ोति यच्चाप्युत्क्रामतींश्वरः | गृहीत्वैतानि संयाति वायुर्गन्धानिवाशयात् II वायु गन्धके स्थानसे गन्धको जैंसे ग्रहण करके ले जाता हैं, वैसे हा देहादिका स्वामी जीवात्मा भी जिस शरौरका त्याग करता हैं॰ उससे इन मनसहित इन्द्रियोंको ग्रहण करके फिर जिस शरौरको प्राप्त होता है उसमें जाता हैं Il ८ Il श्रोत्रं चक्षुः स्पर्शनं च रसनं घ्राणमेव च। নিদমানুপমনন  अधिष्ठाय मनश्चायं || जीवात्मा श्रोत्र, चक्षु और त्वचाको तथा रसना, यह घ्राण और मनको आश्रय करके = अर्थात् इन सवके सहारेसे हा विपयौंका सेवन करता हैं Il ९ II जैसे विभागरहित स्थित हुआ भी महाकाश घटोंमें पृथक्- पृथक्को भाँति प्रतीत होता हैं॰ बैसे हो सब TTm পূনাদ हुआ भौ परमात्मा पृथक् - पृथक्को भौति प्रतीत होता है, इसौसे स्थित देहमें स्थित जीवात्माको भगवानने अपना ' सनातन अंश ' कहा ह। श्रीमढ्भगवढ्गीता अध्याय १५ गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार ममैवांशो जीवलोके जीवभूतः सनातनः | মনঃপত্তানীল্সিমাতি সব্ৃনিস্োনি ব্ূর্ণনি Il इस देहमें यह सनातन जीवात्मा मेरा ही अंश स्थित मन और पाँचों हैं * और वही इन प्रकृतिमें इन्द्रियोंको आकर्पण करता हैं Il ७ ।l शरीरं यदवाप्ोति यच्चाप्युत्क्रामतींश्वरः | गृहीत्वैतानि संयाति वायुर्गन्धानिवाशयात् II वायु गन्धके स्थानसे गन्धको जैंसे ग्रहण करके ले जाता हैं, वैसे हा देहादिका स्वामी जीवात्मा भी जिस शरौरका त्याग करता हैं॰ उससे इन मनसहित इन्द्रियोंको ग्रहण करके फिर जिस शरौरको प्राप्त होता है उसमें जाता हैं Il ८ Il श्रोत्रं चक्षुः स्पर्शनं च रसनं घ्राणमेव च। নিদমানুপমনন  अधिष्ठाय मनश्चायं || जीवात्मा श्रोत्र, चक्षु और त्वचाको तथा रसना, यह घ्राण और मनको आश्रय करके = अर्थात् इन सवके सहारेसे हा विपयौंका सेवन करता हैं Il ९ II जैसे विभागरहित स्थित हुआ भी महाकाश घटोंमें पृथक्- पृथक्को भाँति प्रतीत होता हैं॰ बैसे हो सब TTm পূনাদ हुआ भौ परमात्मा पृथक् - पृथक्को भौति प्रतीत होता है, इसौसे स्थित देहमें स्थित जीवात्माको भगवानने अपना ' सनातन अंश ' कहा ह। श्रीमढ्भगवढ्गीता अध्याय १५ गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार - ShareChat