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कर्म #कर्म #कर्म ही पूजा है #धर्म कर्म #धर्म कर्म #कर्म पूजा
कर्म - कहानीया | ಹ೯ कहीं का किया कहीं तो अवश्य मिलता है, गूंगा नहीं है, बस मौन है, a7h समय आने पर वह कर्म के रूप में जवाब जरूर देता है, आज का हँसकर किया हुआ पाप, कल रोकर चुकाना ही पड़ता है, कुदरत उधारी नहीं रखती, कर्म वो चिट्ठी है जो कभी गलत पते पर नहीं जाती , जिसने भेजी है उसी के पास लौटती है,, कहानीया | ಹ೯ कहीं का किया कहीं तो अवश्य मिलता है, गूंगा नहीं है, बस मौन है, a7h समय आने पर वह कर्म के रूप में जवाब जरूर देता है, आज का हँसकर किया हुआ पाप, कल रोकर चुकाना ही पड़ता है, कुदरत उधारी नहीं रखती, कर्म वो चिट्ठी है जो कभी गलत पते पर नहीं जाती , जिसने भेजी है उसी के पास लौटती है,, - ShareChat