ShareChat
click to see wallet page
search
#📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य #📚कविता-कहानी संग्रह #🙏बुधवार शायरी✍️
📖 कविता और कोट्स✒️ - "दर्द हल्का , पर सांसें भारी" दर्द हल्का है पर सांसें भारी हैं, जीने की रस्म अभी जारी है। हर लम्हा जैसे कर्ज़ सा लगता है, फिर भी उम्मीदों की पोटली हमारी है। खामोशियों में शोर बहुत है, दिल की गलियों में वीरानी सारी है। टूटकर भी खुद को जोड़ रहा हूँ, ये जिद भी कितनी अजीब हमारी है। रातों से अब दोस्ती सी हो गई, नींद से जैसे कोई दुश्मनी जारी है। गिरकर फिर उठ जाना ही सीखा है, शायद यही जीने की तैयारी है। Gupta Ji Your uote.in "दर्द हल्का , पर सांसें भारी" दर्द हल्का है पर सांसें भारी हैं, जीने की रस्म अभी जारी है। हर लम्हा जैसे कर्ज़ सा लगता है, फिर भी उम्मीदों की पोटली हमारी है। खामोशियों में शोर बहुत है, दिल की गलियों में वीरानी सारी है। टूटकर भी खुद को जोड़ रहा हूँ, ये जिद भी कितनी अजीब हमारी है। रातों से अब दोस्ती सी हो गई, नींद से जैसे कोई दुश्मनी जारी है। गिरकर फिर उठ जाना ही सीखा है, शायद यही जीने की तैयारी है। Gupta Ji Your uote.in - ShareChat