Gupta Ji
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#📽️रविवार शायरी✍️ #💞Heart touching शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️ #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य
📽️रविवार शायरी✍️ - 6fl4' से भारी ख़्वाब : चाँद रातों के ख़्वाब उम्र भर की नींद माँगते हैं, कुछ अधूरी सी हसरतें भी चुपके चुपके ज़ख़्म बाँटते हैं। इन ख़ामोश राहों में कदम अक्सर ठहर जाते हैं, ख़ामोश गलियों की धड़कन में कुछ सवाल भटक जाते हैं, हुई सी यादों में फिर उजाले से भर जाते हैं। बुझी  जो लम्हे यूँ ही गुज़र गए, वो अब भी दिल में जागते हैं, हम तो सोना चाहते हैं मगर ख़्वाब ही हमें जगाते हैं। आख़िर थक कर ये ख़्वाब भी ख़ुद में सिमट जाते हैं, g बस, ख़ामोशी में रह जाते हैंIl हम अधूरी सी नींद ' Gupta Ji Your uotein 6fl4' से भारी ख़्वाब : चाँद रातों के ख़्वाब उम्र भर की नींद माँगते हैं, कुछ अधूरी सी हसरतें भी चुपके चुपके ज़ख़्म बाँटते हैं। इन ख़ामोश राहों में कदम अक्सर ठहर जाते हैं, ख़ामोश गलियों की धड़कन में कुछ सवाल भटक जाते हैं, हुई सी यादों में फिर उजाले से भर जाते हैं। बुझी  जो लम्हे यूँ ही गुज़र गए, वो अब भी दिल में जागते हैं, हम तो सोना चाहते हैं मगर ख़्वाब ही हमें जगाते हैं। आख़िर थक कर ये ख़्वाब भी ख़ुद में सिमट जाते हैं, g बस, ख़ामोशी में रह जाते हैंIl हम अधूरी सी नींद ' Gupta Ji Your uotein - ShareChat
#✌️शुक्रवार शायरी✍️ #💞Heart touching शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️ #📓 हिंदी साहित्य #📚कविता-कहानी संग्रह
✌️शुक्रवार शायरी✍️ - रफ़ू की हुई ज़िंदगी ' थोड़ा सा रफ़ू करके देखिए ना, फिर से नई सी लगेगी ये ज़िंदगी , कुछ टूटे धागे फिर जुड़ जाएंगे , कुछ फीके रंग भी खिल उठेंगे अभी, जो सिलवटें हैं दिल की चुपचाप , वो भी मुस्कुराकर मिट जाएंगी , बस हौसले की सुई थाम लीजिए, हर कमी खुद ब-खुद भर जाएगी। Gupta Ji Your uote.in रफ़ू की हुई ज़िंदगी ' थोड़ा सा रफ़ू करके देखिए ना, फिर से नई सी लगेगी ये ज़िंदगी , कुछ टूटे धागे फिर जुड़ जाएंगे , कुछ फीके रंग भी खिल उठेंगे अभी, जो सिलवटें हैं दिल की चुपचाप , वो भी मुस्कुराकर मिट जाएंगी , बस हौसले की सुई थाम लीजिए, हर कमी खुद ब-खुद भर जाएगी। Gupta Ji Your uote.in - ShareChat
#✌️शुक्रवार शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️ #😒दर्द भरी शायरी🌸
✌️शुक्रवार शायरी✍️ - Your uote.in "कच्चे मकान की दुआएँ' खबर सबको थी मेरे कच्चे मकान की, फिर लोगों ने दुआओं में सिर्फ़ बरसात ही मांगी। में थे दीयों के उजाले , जिनके ೯೫ उन्हीं आँखों ने मेरी हर रात ही मांगी। मैंने चाहा था थोड़ा सा आसमान , ज़मीं भी मेरे हालात ही मांगी। उन्होंने जो खड़े थे मेरे साथ होने का दावा लिए वक़्त आया तो उन्होंने मेरी मात ही मांगी। ख़ामोशी को समझ बैठे वो कमज़ोरी , हर बात पे उन्होंने मेरी औक़ात ही मांगी। गई है टूट कर संभलने की, अब तो आदत सी हो लोगों ने हर दुआ में मेरी हर बार हार ही मांगी। Gupta Ji Your uote.in "कच्चे मकान की दुआएँ' खबर सबको थी मेरे कच्चे मकान की, फिर लोगों ने दुआओं में सिर्फ़ बरसात ही मांगी। में थे दीयों के उजाले , जिनके ೯೫ उन्हीं आँखों ने मेरी हर रात ही मांगी। मैंने चाहा था थोड़ा सा आसमान , ज़मीं भी मेरे हालात ही मांगी। उन्होंने जो खड़े थे मेरे साथ होने का दावा लिए वक़्त आया तो उन्होंने मेरी मात ही मांगी। ख़ामोशी को समझ बैठे वो कमज़ोरी , हर बात पे उन्होंने मेरी औक़ात ही मांगी। गई है टूट कर संभलने की, अब तो आदत सी हो लोगों ने हर दुआ में मेरी हर बार हार ही मांगी। Gupta Ji - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य #📚कविता-कहानी संग्रह #🙏बुधवार शायरी✍️
📖 कविता और कोट्स✒️ - "दर्द हल्का , पर सांसें भारी" दर्द हल्का है पर सांसें भारी हैं, जीने की रस्म अभी जारी है। हर लम्हा जैसे कर्ज़ सा लगता है, फिर भी उम्मीदों की पोटली हमारी है। खामोशियों में शोर बहुत है, दिल की गलियों में वीरानी सारी है। टूटकर भी खुद को जोड़ रहा हूँ, ये जिद भी कितनी अजीब हमारी है। रातों से अब दोस्ती सी हो गई, नींद से जैसे कोई दुश्मनी जारी है। गिरकर फिर उठ जाना ही सीखा है, शायद यही जीने की तैयारी है। Gupta Ji Your uote.in "दर्द हल्का , पर सांसें भारी" दर्द हल्का है पर सांसें भारी हैं, जीने की रस्म अभी जारी है। हर लम्हा जैसे कर्ज़ सा लगता है, फिर भी उम्मीदों की पोटली हमारी है। खामोशियों में शोर बहुत है, दिल की गलियों में वीरानी सारी है। टूटकर भी खुद को जोड़ रहा हूँ, ये जिद भी कितनी अजीब हमारी है। रातों से अब दोस्ती सी हो गई, नींद से जैसे कोई दुश्मनी जारी है। गिरकर फिर उठ जाना ही सीखा है, शायद यही जीने की तैयारी है। Gupta Ji Your uote.in - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य #📽️रविवार शायरी✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️
📚कविता-कहानी संग्रह - ४आज ही है ज़िन्दगी ' ना राज़ है ज़िन्दगी  , ना नाराज़ है ९ज़िन्दगी : बस जो है, वो आज है ९ज़िन्दगी  | ना किसी से शिकायत, ना खुद से गिला, जैसी भी मिली है, वैसी ही ख़ास है ज़िन्दगी  | ना जीत की जल्दी, ना हार का डर, हर पल में एक नया एहसास है ज़िन्दगी | ना बीते का अफसोस , ना आने की फिक्र, जो मिला वही अपना विश्वास है ^ज़िन्दगी ' ना रुकने की चाहत , ना थमने की बात, चलते रहने का ही नाम है ज़िन्दगी | कभी मुस्कुराहट, कभी आँसुओं की सौगात, हर रंग में खुद को ढालती है "ज़िन्दगी | गुप्ता जी Gupta Ji Your uotein ४आज ही है ज़िन्दगी ' ना राज़ है ज़िन्दगी  , ना नाराज़ है ९ज़िन्दगी : बस जो है, वो आज है ९ज़िन्दगी  | ना किसी से शिकायत, ना खुद से गिला, जैसी भी मिली है, वैसी ही ख़ास है ज़िन्दगी  | ना जीत की जल्दी, ना हार का डर, हर पल में एक नया एहसास है ज़िन्दगी | ना बीते का अफसोस , ना आने की फिक्र, जो मिला वही अपना विश्वास है ^ज़िन्दगी ' ना रुकने की चाहत , ना थमने की बात, चलते रहने का ही नाम है ज़िन्दगी | कभी मुस्कुराहट, कभी आँसुओं की सौगात, हर रंग में खुद को ढालती है "ज़िन्दगी | गुप्ता जी Gupta Ji Your uotein - ShareChat
#📽️रविवार शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य #📚कविता-कहानी संग्रह
📽️रविवार शायरी✍️ - दो लफ़्ज़ों की परवाह ' दौलत नहीं , शोहरत नहीं , न वाह चाहिए <कैसे हो?  के दो लफ़्ज़ों की परवाह चाहिए। बस भीड़ में भी जो दिल को सुकून दे जाए, ऐसा ही एक सच्चा सा साथ चाहिए। ना महलों की ख्वाहिश, ना ऊँचे ख्वाब कोई, चाहिए। अपनों में थोड़ा सा एहसास बस खामोशी में भी जो समझ ले हर बात, ऐसा ही कोई अपना खास चाहिए। झूठी चमक से दिल अब भर चुका है, सादगी में ही सारा जहाँ चाहिए। *कैसे हो?  की वही छोटी सी फिक्र, में पूरा ] হন নী লপড়ী प्यार चाहिए। Your uotein Gupta Ji दो लफ़्ज़ों की परवाह ' दौलत नहीं , शोहरत नहीं , न वाह चाहिए <कैसे हो?  के दो लफ़्ज़ों की परवाह चाहिए। बस भीड़ में भी जो दिल को सुकून दे जाए, ऐसा ही एक सच्चा सा साथ चाहिए। ना महलों की ख्वाहिश, ना ऊँचे ख्वाब कोई, चाहिए। अपनों में थोड़ा सा एहसास बस खामोशी में भी जो समझ ले हर बात, ऐसा ही कोई अपना खास चाहिए। झूठी चमक से दिल अब भर चुका है, सादगी में ही सारा जहाँ चाहिए। *कैसे हो?  की वही छोटी सी फिक्र, में पूरा ] হন নী লপড়ী प्यार चाहिए। Your uotein Gupta Ji - ShareChat
#📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #📖 कविता और कोट्स✒️ #📽️रविवार शायरी✍️
📓 हिंदी साहित्य - নক্কাৎ ব্ধা যামা" अपने साए से चौंक जाते हैं, है इस क़दर तन्हा. गुज़री 34 कोई आहट भी डर सी लगती है, जैसे खो जाए फिर वही लम्हा. भीड़ में भी अजीब सन्नाटा , दिल को मिलता नहीं है हमन्सा. हर हँसी में छुपा है एक खालीपन, लगती है कुछ अधूरा सा. हर खुशी आईने से भी नज़रें चुराते हैं, खुद से मिलना हुआ है अब मुश्किल सा. जो कभी दिल के पास रहते थे, अब वो लगते हैं एक किस्सा सा. Gupta Ji Your uotein নক্কাৎ ব্ধা যামা" अपने साए से चौंक जाते हैं, है इस क़दर तन्हा. गुज़री 34 कोई आहट भी डर सी लगती है, जैसे खो जाए फिर वही लम्हा. भीड़ में भी अजीब सन्नाटा , दिल को मिलता नहीं है हमन्सा. हर हँसी में छुपा है एक खालीपन, लगती है कुछ अधूरा सा. हर खुशी आईने से भी नज़रें चुराते हैं, खुद से मिलना हुआ है अब मुश्किल सा. जो कभी दिल के पास रहते थे, अब वो लगते हैं एक किस्सा सा. Gupta Ji Your uotein - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
📖 कविता और कोट्स✒️ - वक़्त की किताब ' खुली किताब के सफ़्हे उलटते रहते हैं, हवा चले न चले , दिन पलटते रहते हैं। लफ़्ज़ कुछ धुंधले , कुछ साफ़ नज़र आते हैं, यादों के निशाँ दिल में बसते रहते हैं। कभी मुस्कान बनके चेहरे पे खिल जाते हैं, कभी आँसू बनकर चुपचाप बहते रहते हैं। वक़्त की स्याही से लिखी हर एक कहानी , हम चाहें भी तो कहाँ बदलते रहते हैं। रास्ते वही हैं, मंज़िलें नई लगती हैं, कदम अपने ही खुद को टटोलते रहते हैं। ज़िंदगी एक किताब है अधूरी सी, हम हर दिन उसमें कुछ जोड़ते रहते हैं। Youri uote.in Gupta Ji वक़्त की किताब ' खुली किताब के सफ़्हे उलटते रहते हैं, हवा चले न चले , दिन पलटते रहते हैं। लफ़्ज़ कुछ धुंधले , कुछ साफ़ नज़र आते हैं, यादों के निशाँ दिल में बसते रहते हैं। कभी मुस्कान बनके चेहरे पे खिल जाते हैं, कभी आँसू बनकर चुपचाप बहते रहते हैं। वक़्त की स्याही से लिखी हर एक कहानी , हम चाहें भी तो कहाँ बदलते रहते हैं। रास्ते वही हैं, मंज़िलें नई लगती हैं, कदम अपने ही खुद को टटोलते रहते हैं। ज़िंदगी एक किताब है अधूरी सी, हम हर दिन उसमें कुछ जोड़ते रहते हैं। Youri uote.in Gupta Ji - ShareChat
#✌️शुक्रवार शायरी✍️ #💞Heart touching शायरी✍️ ##️⃣DilShayarana💘
✌️शुक्रवार शायरी✍️ - निगाहों की खा़मोश मोहब्बत  निगाहों निगाहों में पूरी हर बात हो, 31uT खामोशी में भी बस प्यार की बरसात हो। लब खामोश रहें पर दिल सब कह जाए, हर धड़कन में तेरे नाम की ही सौगात हो। तेरी मुस्कान से ही मेरी सुबह खिल जाए, तेरी यादों से ही हर रात हो। करीब लगे, दूर रहकर भी तू मेरे हर लम्हे में बस तेरा ही एहसास हो। न कोई शिकवा हो, न कोई दूरी रहे, मोहब्बत की ही हर बात हो। बस भी तू॰ मेरी दुनिया भी तू॰ मेरी चाहत तेरे संग ही हर पल खास हो। Gupta Ji Your uotein निगाहों की खा़मोश मोहब्बत  निगाहों निगाहों में पूरी हर बात हो, 31uT खामोशी में भी बस प्यार की बरसात हो। लब खामोश रहें पर दिल सब कह जाए, हर धड़कन में तेरे नाम की ही सौगात हो। तेरी मुस्कान से ही मेरी सुबह खिल जाए, तेरी यादों से ही हर रात हो। करीब लगे, दूर रहकर भी तू मेरे हर लम्हे में बस तेरा ही एहसास हो। न कोई शिकवा हो, न कोई दूरी रहे, मोहब्बत की ही हर बात हो। बस भी तू॰ मेरी दुनिया भी तू॰ मेरी चाहत तेरे संग ही हर पल खास हो। Gupta Ji Your uotein - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #🤞गुरूवार शायरी✍️ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
📚कविता-कहानी संग्रह - सुनहरी लहरों का अकेलापन  लहरों संग चमक उठा ये अकेलापन, सुनहरी गया है खुद को खुद से मिलाने के gI मानो सज खामोशियों ने आज फिर कोई गीत सुनाया है, दिल ने तन्हाई को भी अपना हमसफ़र बनाया है। लहरों की चमक में जैसे कोई राज छुपा है, हर सन्नाटे में भी एक मीठा सा नशा है। अब डर नहीं लगता इस सूने रास्ते से, कदम खुद ही चल पड़ते हैं अपने ही वास्ते से। जब खुद से मुलाकात का लम्हा मिल जाता है, अकेलापन भी फिर त्योहार सा लग जाता है। Gupta Ji Your uotein  सुनहरी लहरों का अकेलापन  लहरों संग चमक उठा ये अकेलापन, सुनहरी गया है खुद को खुद से मिलाने के gI मानो सज खामोशियों ने आज फिर कोई गीत सुनाया है, दिल ने तन्हाई को भी अपना हमसफ़र बनाया है। लहरों की चमक में जैसे कोई राज छुपा है, हर सन्नाटे में भी एक मीठा सा नशा है। अब डर नहीं लगता इस सूने रास्ते से, कदम खुद ही चल पड़ते हैं अपने ही वास्ते से। जब खुद से मुलाकात का लम्हा मिल जाता है, अकेलापन भी फिर त्योहार सा लग जाता है। Gupta Ji Your uotein - ShareChat