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#📖 कविता और कोट्स✒️ #💞Heart touching शायरी✍️ #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य #🤞गुरूवार शायरी✍️
📖 कविता और कोट्स✒️ - uote.in Your रात के रेज़े ' भरे हैं रात के रेज़े कुछ ऐसे आँखों में उजाला हो तो हम आँखें झपकते रहते हैं। झपकती आँखों में चेहरों की धुंध तैरती है, इसी धुंध में कई रिश्ते भटकते रहते हैं। भटकते रिश्तों का हासिल भी अब धुआँ-सा है, सो अपने हाथ हम अक्सर ही मलते रहते हैं। ये हाथ : जब किसी दर पर सवाल रखते हैं, तो बंद दर हमें चुपचाप तकते रहते हैं। उन्हीं बंद दरों की ख़ामोशियों से डरकर हम , हर एक शोर से भीतर सिहरते रहते हैं। ये सिहरनें ही हमें रात भर जगाती हैं, और सुबह होते ही हम आँखें झपकते रहते हैं। Gupta Ji uote.in Your रात के रेज़े ' भरे हैं रात के रेज़े कुछ ऐसे आँखों में उजाला हो तो हम आँखें झपकते रहते हैं। झपकती आँखों में चेहरों की धुंध तैरती है, इसी धुंध में कई रिश्ते भटकते रहते हैं। भटकते रिश्तों का हासिल भी अब धुआँ-सा है, सो अपने हाथ हम अक्सर ही मलते रहते हैं। ये हाथ : जब किसी दर पर सवाल रखते हैं, तो बंद दर हमें चुपचाप तकते रहते हैं। उन्हीं बंद दरों की ख़ामोशियों से डरकर हम , हर एक शोर से भीतर सिहरते रहते हैं। ये सिहरनें ही हमें रात भर जगाती हैं, और सुबह होते ही हम आँखें झपकते रहते हैं। Gupta Ji - ShareChat