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#✌️शुक्रवार शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️ #😒दर्द भरी शायरी🌸
✌️शुक्रवार शायरी✍️ - Your uote.in "कच्चे मकान की दुआएँ' खबर सबको थी मेरे कच्चे मकान की, फिर लोगों ने दुआओं में सिर्फ़ बरसात ही मांगी। में थे दीयों के उजाले , जिनके ೯೫ उन्हीं आँखों ने मेरी हर रात ही मांगी। मैंने चाहा था थोड़ा सा आसमान , ज़मीं भी मेरे हालात ही मांगी। उन्होंने जो खड़े थे मेरे साथ होने का दावा लिए वक़्त आया तो उन्होंने मेरी मात ही मांगी। ख़ामोशी को समझ बैठे वो कमज़ोरी , हर बात पे उन्होंने मेरी औक़ात ही मांगी। गई है टूट कर संभलने की, अब तो आदत सी हो लोगों ने हर दुआ में मेरी हर बार हार ही मांगी। Gupta Ji Your uote.in "कच्चे मकान की दुआएँ' खबर सबको थी मेरे कच्चे मकान की, फिर लोगों ने दुआओं में सिर्फ़ बरसात ही मांगी। में थे दीयों के उजाले , जिनके ೯೫ उन्हीं आँखों ने मेरी हर रात ही मांगी। मैंने चाहा था थोड़ा सा आसमान , ज़मीं भी मेरे हालात ही मांगी। उन्होंने जो खड़े थे मेरे साथ होने का दावा लिए वक़्त आया तो उन्होंने मेरी मात ही मांगी। ख़ामोशी को समझ बैठे वो कमज़ोरी , हर बात पे उन्होंने मेरी औक़ात ही मांगी। गई है टूट कर संभलने की, अब तो आदत सी हो लोगों ने हर दुआ में मेरी हर बार हार ही मांगी। Gupta Ji - ShareChat