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#📽️रविवार शायरी✍️ #📖 कविता और कोट्स✒️ #💞Heart touching शायरी✍️ #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य
📽️रविवार शायरी✍️ - গয যা নিল" सहमा सहमा डरा सा रहता है, जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है। भीड़ में भी ये दिल अकेला है, हर तरफ़ शोर, पर अँधेरा है। मुस्कुराहट लबों पे रखता हूँ, आँख में दर्द छुपा सा रहता है। कोई अपना नहीं मिला शायद, इसलिए मन बुझा सा रहता है। Gupta Ji uote.in Yourl গয যা নিল" सहमा सहमा डरा सा रहता है, जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है। भीड़ में भी ये दिल अकेला है, हर तरफ़ शोर, पर अँधेरा है। मुस्कुराहट लबों पे रखता हूँ, आँख में दर्द छुपा सा रहता है। कोई अपना नहीं मिला शायद, इसलिए मन बुझा सा रहता है। Gupta Ji uote.in Yourl - ShareChat