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दोहा संग्रह संत कबीर #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "दोहा" काबा फिर कासी भया, राम भया रहीम। मोट चून मैदा भया, बैठ कबीर जीम।। 91ಾ7ಚ: सांप्रदायिक सद्भावना के fag' कारण कबीर के কানা काशी में परिणत हो गया। भेद ব্ধা মীমা বুন যা মীঠ ক্ধা বুন अभेद का मैदा बन गया, कबीर उसी को जीम रहा है। कबीर दास) (संत Motivational Videos App Want . "दोहा" काबा फिर कासी भया, राम भया रहीम। मोट चून मैदा भया, बैठ कबीर जीम।। 91ಾ7ಚ: सांप्रदायिक सद्भावना के fag' कारण कबीर के কানা काशी में परिणत हो गया। भेद ব্ধা মীমা বুন যা মীঠ ক্ধা বুন अभेद का मैदा बन गया, कबीर उसी को जीम रहा है। कबीर दास) (संत Motivational Videos App Want . - ShareChat