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#☀️ शनिवार भक्ति स्पेशल 🙏 #श्रीरामचरितमानस 🪷 ##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩 #जय सियाराम सुंदरकांड 🚩 #🙏प्रातः वंदन
☀️ शनिवार भक्ति स्पेशल 🙏 - श्रीरामचरितमानस मुन्दरकाण्ड  वे प्रसन्न हुए और बोले  349 মুনক্ষ कवन सो काज कठिन जग माहीं | जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं II ५ Il लगि काज T तव अवतारा पर्वताकारा सुनतहि भयउ ١٧ ٤ Hraref हे तात ! संसार में कौन-सा ऐसा कठिन काम है, जो आपस नही हा आप श्रीरामजी के काम बनाने के लिये ही अवतीर्ण " हुए हैं। (यह बातें ) सुनते ही हनुमानजी बड़े पर्वत के समान शरीरवाले हो गये ।। ५-६ ।I टिप्पणी कठिन   कठिनाईवाला यानि   पुत्र ! तात  तात जग माहीं- संसार में ! तुम्ह   पाहीं   आपसे अवतरण हुआ हैं ! অননা लगि-के लिये तव   तुम्हारा | काम काज -पर्वतके समान विशाल शरीरवाले सुनतहि - सुनते ही पर्वताकारा शक्तिकी याद दिलाई अर्थातू उनके हृदयमें उनकी जामवंतजीने हनुमानजीको लांचा | हमलोगोंके हदयमें जब बड़े होकर समुद्रको हनुमानजीने त्साह भरा तब है तभी बड़़े - से-बडा काम हो जाता हैं ।  त्साह रहता श्रीरामचरितमानस मुन्दरकाण्ड  वे प्रसन्न हुए और बोले  349 মুনক্ষ कवन सो काज कठिन जग माहीं | जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं II ५ Il लगि काज T तव अवतारा पर्वताकारा सुनतहि भयउ ١٧ ٤ Hraref हे तात ! संसार में कौन-सा ऐसा कठिन काम है, जो आपस नही हा आप श्रीरामजी के काम बनाने के लिये ही अवतीर्ण " हुए हैं। (यह बातें ) सुनते ही हनुमानजी बड़े पर्वत के समान शरीरवाले हो गये ।। ५-६ ।I टिप्पणी कठिन   कठिनाईवाला यानि   पुत्र ! तात  तात जग माहीं- संसार में ! तुम्ह   पाहीं   आपसे अवतरण हुआ हैं ! অননা लगि-के लिये तव   तुम्हारा | काम काज -पर्वतके समान विशाल शरीरवाले सुनतहि - सुनते ही पर्वताकारा शक्तिकी याद दिलाई अर्थातू उनके हृदयमें उनकी जामवंतजीने हनुमानजीको लांचा | हमलोगोंके हदयमें जब बड़े होकर समुद्रको हनुमानजीने त्साह भरा तब है तभी बड़़े - से-बडा काम हो जाता हैं ।  त्साह रहता - ShareChat