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#माधव! मो समान जग माहीं।
माधव! मो समान जग माहीं। - माधव! मो समान जग माहीं| सब बिधि हीन मलीन दीन अति बिषय कोउ नाहीं Il ?|| तुम सम हेतु रहित , कृपालु , आरतहित ईसहि ನfl मैं दुखसोक बिकल , कृपालु केहि कारन दया न ~irftii?Ii  नाहिन कछु अवृगन तुम्हार अपराध मोर मैं माना। साउपा न मैं प्रभु भवन तनु दियट TN ، ٢ ٦  எளட | बेनु करील, श्रीखण्ड बर्संतहि दूषन मृषा लगावै| साररहित हतभाग्य सुरभि पल्लव सो कहँ कहु qIdIISII सब प्रकार मैं कठिन मृदुल हरि दृढ़ बिचार जिय HRI तुलसीदास प्रभु मोह सृंखला छुटिहि तुम्हारे छोरे।। माधव! मो समान जग माहीं| सब बिधि हीन मलीन दीन अति बिषय कोउ नाहीं Il ?|| तुम सम हेतु रहित , कृपालु , आरतहित ईसहि ನfl मैं दुखसोक बिकल , कृपालु केहि कारन दया न ~irftii?Ii  नाहिन कछु अवृगन तुम्हार अपराध मोर मैं माना। साउपा न मैं प्रभु भवन तनु दियट TN ، ٢ ٦  எளட | बेनु करील, श्रीखण्ड बर्संतहि दूषन मृषा लगावै| साररहित हतभाग्य सुरभि पल्लव सो कहँ कहु qIdIISII सब प्रकार मैं कठिन मृदुल हरि दृढ़ बिचार जिय HRI तुलसीदास प्रभु मोह सृंखला छुटिहि तुम्हारे छोरे।। - ShareChat