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#भगवत गीता #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓
भगवत गीता - दम्भो दर्पोडभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च। अज्ञानं चाभिजातस्य HGHKHII qef பf!  घमण्ड और अभिमान तथा क्रोध, कठोरता और अज्ञान भी॰ य सब आसुरी सम्पदा कोलेकर उत्पन्न हुए पुरुष के लक्षण ह I4ll व्याख्याः इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण आसूरी स्वभाव की विशेषताएँ बता रहेहै। इस श्लोक मे छ्ह विशषताएँ वर्णित हः दूसरों क सामन अपनी श्रष्ठता यागुर्णों का ढिंढोरा दम्भ ददिखावा पटना   बिना किसी वास्तविकता को अपनी स्थिति यागुरणी काोलेकर दूसरों से ऊँचा दर्प ।घमंड समझना | अपने आप को दूसरों से अधिक महत्वपूर्ण अभिमान अहंकार I छोटी छोटी बातों पर गुस्सा आना और खुद को नियंत्रित न क्रोध करपाना। पारुष्य किठोरता - दूसरों के प्रति कठोर और असंवेदनशील होना। ज्ञान को कमी और वास्तविकता कोन समझना| 37 ये सभी लक्षण एक व्यक्ति की आसुरी सम्पदा का परिचायक हैं जो उसके स्वभाव की बूराई और अहंकार को दशत है। ऐसे गुण व्यक्ति की आत्मिक उन्नति मे बाधा डालते है और समाज मे असामंजस्य पैदा करते है। भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक क माध्यम से हमें चेतावनी दे रहे हैं कि ह्मे इन आसुरी गुर्णो स बचना चाहिए और अपने व्यवहार मे संयम् और विनम्रता बनाए रखनी चाहिए। दम्भो दर्पोडभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च। अज्ञानं चाभिजातस्य HGHKHII qef பf!  घमण्ड और अभिमान तथा क्रोध, कठोरता और अज्ञान भी॰ य सब आसुरी सम्पदा कोलेकर उत्पन्न हुए पुरुष के लक्षण ह I4ll व्याख्याः इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण आसूरी स्वभाव की विशेषताएँ बता रहेहै। इस श्लोक मे छ्ह विशषताएँ वर्णित हः दूसरों क सामन अपनी श्रष्ठता यागुर्णों का ढिंढोरा दम्भ ददिखावा पटना   बिना किसी वास्तविकता को अपनी स्थिति यागुरणी काोलेकर दूसरों से ऊँचा दर्प ।घमंड समझना | अपने आप को दूसरों से अधिक महत्वपूर्ण अभिमान अहंकार I छोटी छोटी बातों पर गुस्सा आना और खुद को नियंत्रित न क्रोध करपाना। पारुष्य किठोरता - दूसरों के प्रति कठोर और असंवेदनशील होना। ज्ञान को कमी और वास्तविकता कोन समझना| 37 ये सभी लक्षण एक व्यक्ति की आसुरी सम्पदा का परिचायक हैं जो उसके स्वभाव की बूराई और अहंकार को दशत है। ऐसे गुण व्यक्ति की आत्मिक उन्नति मे बाधा डालते है और समाज मे असामंजस्य पैदा करते है। भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक क माध्यम से हमें चेतावनी दे रहे हैं कि ह्मे इन आसुरी गुर्णो स बचना चाहिए और अपने व्यवहार मे संयम् और विनम्रता बनाए रखनी चाहिए। - ShareChat