ShareChat
click to see wallet page
search
#जमाने में हलचल🙏 ✍️
जमाने में हलचल🙏 ✍️ - पराई स्त्री से प्यार "पराई स्त्री से प्यार" सुनने में जितना आसान लगता है, असल में उतना ही उलझा हुआ और दर्द देने वाला रिश्ता होता है। यह सिर्फ दो लोगों का मामला नहीं होता इसमें कई दिल, कई रिश्ते और कई जिंदगियाँ जुड़ी होती हैं। शुरुआत में यह आकर्षण, समझ या सहारे जैसा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे अपराधबोध, डर और टूटन में बदल जाता है। यह सच्चाई ये हैः इसमें सुकून कम , बेचैनी ज़्यादा होती है खुशी पल भर की, लेकिन पछतावा लंबा होता है भरोसा टूटता है, और रिश्तों की नींव हिल जाती है। मोरल (सीख)ः 394 जो रिश्ता किसी और का हक छीनकर शुरू हो, वो कभा सुकून नहीं देता।  i में खुशी देते अपनी ज़िंदगी में सच्चे और सा़फ रिश्ते ही अंत ೯I पराई स्त्री से प्यार "पराई स्त्री से प्यार" सुनने में जितना आसान लगता है, असल में उतना ही उलझा हुआ और दर्द देने वाला रिश्ता होता है। यह सिर्फ दो लोगों का मामला नहीं होता इसमें कई दिल, कई रिश्ते और कई जिंदगियाँ जुड़ी होती हैं। शुरुआत में यह आकर्षण, समझ या सहारे जैसा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे अपराधबोध, डर और टूटन में बदल जाता है। यह सच्चाई ये हैः इसमें सुकून कम , बेचैनी ज़्यादा होती है खुशी पल भर की, लेकिन पछतावा लंबा होता है भरोसा टूटता है, और रिश्तों की नींव हिल जाती है। मोरल (सीख)ः 394 जो रिश्ता किसी और का हक छीनकर शुरू हो, वो कभा सुकून नहीं देता।  i में खुशी देते अपनी ज़िंदगी में सच्चे और सा़फ रिश्ते ही अंत ೯I - ShareChat