ShareChat
click to see wallet page
search
#🖋ग़ालिब की शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - मुझे क़त्ल करना है तो खंजर से ग़ालिब, वारमत करना লিব  काफ़ी है तेरा ग़ैरों से # प्यार करना, मुझे क़त्ल करना है तो खंजर से ग़ालिब, वारमत करना লিব  काफ़ी है तेरा ग़ैरों से # प्यार करना, - ShareChat