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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - @sona_creationa3 खत्म हये गई नादानियां, 6. 99 बन गए समझदार, पहले कुछ न मिलने पर रोते थे, अब सब कुछ खोकर मुस्कुरा देते हैं. @sona_creationa3 खत्म हये गई नादानियां, 6. 99 बन गए समझदार, पहले कुछ न मिलने पर रोते थे, अब सब कुछ खोकर मुस्कुरा देते हैं. - ShareChat