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#gajal #💓 मोहब्बत दिल से #Shayari
gajal - दिल की वीरानियों में तेरी याद उतर आई, शाखों पे जैसे कोई बरसात उतर आई। सूखी चाहा था जिसे अपनी की हमने तरह, दुआओं उसकी आँखों में मगर कोई और बात उतर आई। रात भर चाँद से करते रहे तेरी चर्चा, सुबह होते ही निगाहों में तेरी ज़ात उतर आई। मोहब्बत ख़ामोशियों को भी हमने समझा, लब खुले तो फ़क़त रिश्तों की सौगात उतर आई। अब तो तन्हाई भी हमसे गले मिलती है, जब से इस दिल में तेरी पहली मुलाक़ात उतर आई। दिल की वीरानियों में तेरी याद उतर आई, शाखों पे जैसे कोई बरसात उतर आई। सूखी चाहा था जिसे अपनी की हमने तरह, दुआओं उसकी आँखों में मगर कोई और बात उतर आई। रात भर चाँद से करते रहे तेरी चर्चा, सुबह होते ही निगाहों में तेरी ज़ात उतर आई। मोहब्बत ख़ामोशियों को भी हमने समझा, लब खुले तो फ़क़त रिश्तों की सौगात उतर आई। अब तो तन्हाई भी हमसे गले मिलती है, जब से इस दिल में तेरी पहली मुलाक़ात उतर आई। - ShareChat