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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴 - कबीर मन निर्मल भया , जैसे गंगा नीर। कबीर वाणी पाछे पाछे हरि फिरे , कहत कबीर कबीर।। कबीर दास 95=? 7727 जैसे गंगा नीर मन निर्मल भया पाछे पाछे हरि फिरे कहत कबीर कबीर जैसे गंगा का जल निर्मल वैसे ही भगवान स्वयं उसके जब मन पवित्र और स्वच्छ और कहते हैं - और पावन होता है, पीछे - पीछे चलते हैं। यह मेरा कबीर है, मेरा भक्त है। जाता है , मन को निर्मल बनाओ, हरि अपने आप पास आएंगे| यही कबीर का संदेश है, यही जीवन का सार है।l कबीर मन निर्मल भया , जैसे गंगा नीर। कबीर वाणी पाछे पाछे हरि फिरे , कहत कबीर कबीर।। कबीर दास 95=? 7727 जैसे गंगा नीर मन निर्मल भया पाछे पाछे हरि फिरे कहत कबीर कबीर जैसे गंगा का जल निर्मल वैसे ही भगवान स्वयं उसके जब मन पवित्र और स्वच्छ और कहते हैं - और पावन होता है, पीछे - पीछे चलते हैं। यह मेरा कबीर है, मेरा भक्त है। जाता है , मन को निर्मल बनाओ, हरि अपने आप पास आएंगे| यही कबीर का संदेश है, यही जीवन का सार है।l - ShareChat