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#😢Sad Feelings💔 #સ્ત્રી મન 😔
😢Sad Feelings💔 - ৫৫ स्त्री का पत्थर हो जाना ठीक वैसा ही है তীয়ী কিমী নতী কা भीतर  अपना रास्ता भूलकर भीतर ही सूख जाना। क्योंकि स्त्रियां जन्म से कठोर नहीं होतीं , वे तो अपने हिस्से का दुःख भी मुस्कुराकर छुपा लेने वाली प्रजाति होती हैं। उनकी खामोशी को आदत समझ लिया TಹR q जाए त्याग को कर्तव्य और आँसुओं को कमजोरी , तब भीतर कहीं भावनाओं का अंतिम संस्कार होने लगता है। स्त्री का पत्थर हो जाना दरअसल उसका बदलना नहीं, बल्कि उम्मीदों का मर जाना है, 99 ৫৫ स्त्री का पत्थर हो जाना ठीक वैसा ही है তীয়ী কিমী নতী কা भीतर  अपना रास्ता भूलकर भीतर ही सूख जाना। क्योंकि स्त्रियां जन्म से कठोर नहीं होतीं , वे तो अपने हिस्से का दुःख भी मुस्कुराकर छुपा लेने वाली प्रजाति होती हैं। उनकी खामोशी को आदत समझ लिया TಹR q जाए त्याग को कर्तव्य और आँसुओं को कमजोरी , तब भीतर कहीं भावनाओं का अंतिम संस्कार होने लगता है। स्त्री का पत्थर हो जाना दरअसल उसका बदलना नहीं, बल्कि उम्मीदों का मर जाना है, 99 - ShareChat