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कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था। प्रमाणः ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 जिसमें स्पष्ट है कि पूर्ण परमात्मा का जन्म नहीं होता, वह सशरीर प्रकट होता है #guru ji #Kabir is God
guru ji - क्या वेद बता सकते हैं भगवान कौन है? जी हाँ, और जवाब है कबीर साहेब! ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३, मंत्र 2 प्रमाणित करता है कि लेता, पूर्ण परमात्मा कभी माता के गर्भ से जन्म नहीं शिश रूप में प्रकट होता है। वही कबीर साहेब हैं। वह न तस्य माता न पिता न बन्धुः न जन्म। 66 कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमनशुः ।।२II ऋग्वेद ন (पूर्ण परमात्मा ) की न माता है॰ न पिता ह ন কী্ৎ Husc' 9 ೩6 93, 38 बन्धु है॰ न उसका जन्म होता है। न वह कर्म से॰ न प्रजया से और नधन से (प्राप्त होता है), केवल त्याग से 99 (उसकी प्राप्ति होती है)। वेदों का ज्ञान कहता है वह अजन्मा है॰ अनादि है॰ सर्वशक्तिमान है। वही कबीर साहेब हैं! बदीणड सतगरू तमपल जी मढारम Sant Rampal Ji "e3vPini 69 81 YOUTUBE दिवर कबीर परेश्वर प्रकट Maharaj CHANNEL 2v72026 SaniRoದ क्या वेद बता सकते हैं भगवान कौन है? जी हाँ, और जवाब है कबीर साहेब! ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३, मंत्र 2 प्रमाणित करता है कि लेता, पूर्ण परमात्मा कभी माता के गर्भ से जन्म नहीं शिश रूप में प्रकट होता है। वही कबीर साहेब हैं। वह न तस्य माता न पिता न बन्धुः न जन्म। 66 कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमनशुः ।।२II ऋग्वेद ন (पूर्ण परमात्मा ) की न माता है॰ न पिता ह ন কী্ৎ Husc' 9 ೩6 93, 38 बन्धु है॰ न उसका जन्म होता है। न वह कर्म से॰ न प्रजया से और नधन से (प्राप्त होता है), केवल त्याग से 99 (उसकी प्राप्ति होती है)। वेदों का ज्ञान कहता है वह अजन्मा है॰ अनादि है॰ सर्वशक्तिमान है। वही कबीर साहेब हैं! बदीणड सतगरू तमपल जी मढारम Sant Rampal Ji "e3vPini 69 81 YOUTUBE दिवर कबीर परेश्वर प्रकट Maharaj CHANNEL 2v72026 SaniRoದ - ShareChat