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#जय श्री राधे
घाट पर ठाड़े मदनगोपाल।
कौन युक्ति कर भरोरी यमुनाजल परयो हमारे ख्याल।।
दिवस बढ्यो घर सास रिसे है चल न सकत एक चाल।
का करू अब यो नही मानत सुन्दर नन्द को लाल ।।
कछुक संकोच कछु चोंप मिलन की परी प्रेम कीजाल।
परमानन्द स्वामी चित चोर्यो वेणु बजाय रसाल ।।
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