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4.5.2026 संसार में देखा जाता है, कि अधिकांश लोग अनुशासन में रहना नहीं चाहते। क्योंकि वे गंभीरता से विचार नहीं करते कि अनुशासन में रहने से क्या-क्या लाभ होते हैं। *"और क्योंकि अनुशासन में रहने से तात्कालिक रूप से थोड़ा कष्ट भी होता है, उस कष्ट को वे सहन करना नहीं चाहते। इसलिए अधिकांश लोग अनुशासन में नहीं रहते।"* परंतु कुछ लोग जो पूर्व जन्मों के संस्कारी होते हैं, वे अनुशासन का महत्व समझते हैं और पूरे अनुशासन का पालन करते हैं। *"ऐसे लोगों को भी तात्कालिक रूप से थोड़ा कष्ट तो उठाना पड़ता है, परंतु वे उसका महत्व और लाभ जानते हैं, इसलिए वे तात्कालिक रूप से थोड़ा कष्ट उठाकर भी पूरे अनुशासन में रहते हैं। और फिर पूरा जीवन उसका उत्तम फल = सुख शांति और समृद्धि रूप फल भोगते हैं।"* *"अतः सभी को अनुशासन का महत्व समझना चाहिए और अपने जीवन को सुखमय एवं प्रेरणादायक बनाने के लिए अनुशासन में रहना चाहिए। इससे सब का सुख बढ़ता है।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."* #❤️जीवन की सीख #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
❤️जीवन की सीख - अनुशासन में रहने से थोड़े समय का कष्ट होता है परंतु जीवन {3{OI লাম মিলনা El व्सुविचार अज का ०४ मई स्वामी विवेकानंद परिव्राजक निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय https:lldarshanyog org अनुशासन में रहने से थोड़े समय का कष्ट होता है परंतु जीवन {3{OI লাম মিলনা El व्सुविचार अज का ०४ मई स्वामी विवेकानंद परिव्राजक निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय https:lldarshanyog org - ShareChat