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आसमां चाहिए न ज़मीं चाहिए ज़िन्दगी को 'महज़' ज़िन्दगी चाहिए आज के दौर में है हकीकत यही आदमी को "महज़" आदमी चाहिए #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #कविता #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📚कविता-कहानी संग्रह
❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 - आसमां चाहिए न ज़मीं चाहिए ज़िन्दगी चाहिए ज़िन्दगी को महज़ आज के दौर में है हकीकत यही आदमी को "महज़" चाहिए आदमी आसमां चाहिए न ज़मीं चाहिए ज़िन्दगी चाहिए ज़िन्दगी को महज़ आज के दौर में है हकीकत यही आदमी को "महज़" चाहिए आदमी - ShareChat