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#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - क्या खूब लिखा है जिंदगी अभी आहिस्ता चल कई कर्ज चुकाना बाकी है बाकी है कुछ दर्द मिटाना फर्ज निभाना बाकी है कुछ रफ़्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गए कुछ छूट गए रूठों को मनाना बाकी है रोतों को हँसाना बाकी है कुछ रिश्ते बनकर ,टूट गए క్లా जुड़ते गए कुछ -जुड़ते उन टूटे -छूटे रिश्तों जख्मों को मिटाना बाकी है कुछ हसरतें अभी 8 अधूरी कुछ काम भी और जरूरी हैं जीवन की उलझ  पहेली को पूरा सुलझाना बाकी है जब साँसों को थम जाना है फिर क्या खोना ,क्या पाना है पर मन के जिद्दी बच्चे को बताना बाकी है 46| aa आहिस्ता चल जिंदगी ,अभी ಕ कई कर्ज चुकाना बाकी எகி कुछ दर्द मिटाना कुछ फर्ज निभाना बाकी 4 क्या खूब लिखा है जिंदगी अभी आहिस्ता चल कई कर्ज चुकाना बाकी है बाकी है कुछ दर्द मिटाना फर्ज निभाना बाकी है कुछ रफ़्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गए कुछ छूट गए रूठों को मनाना बाकी है रोतों को हँसाना बाकी है कुछ रिश्ते बनकर ,टूट गए క్లా जुड़ते गए कुछ -जुड़ते उन टूटे -छूटे रिश्तों जख्मों को मिटाना बाकी है कुछ हसरतें अभी 8 अधूरी कुछ काम भी और जरूरी हैं जीवन की उलझ  पहेली को पूरा सुलझाना बाकी है जब साँसों को थम जाना है फिर क्या खोना ,क्या पाना है पर मन के जिद्दी बच्चे को बताना बाकी है 46| aa आहिस्ता चल जिंदगी ,अभी ಕ कई कर्ज चुकाना बाकी எகி कुछ दर्द मिटाना कुछ फर्ज निभाना बाकी 4 - ShareChat