AMAR PARASTE REAL HINDUSTANI
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😎 एक बार कक्षा छठवीं में चार बालकों को परीक्षा मे समान अंक मिले। अब प्रश्न खड़ा हुआ कि किसे प्रथम रैंक दिया जाये? स्कूल प्रबन्धन ने तय किया कि प्राचार्य चारों से एक सवाल पूछेंगे, जो बच्चा उसका सबसे सटीक जवाब देगा उसे प्रथम घोषित किया जायेगा । चारों बच्चे हाजिर हुए, प्राचार्य ने सवाल पूछा – दुनिया में सबसे तेज क्या होता है ? पहले बच्चे ने कहा, मुझे लगता है -“विचार”सबसे तेज होता है, क्योंकि दिमाग में कोई भी विचार तेजी से आता है, इससे तेज कोई नहीं । प्राचार्य ने कहा – ठीक है, बिलकुल सही जवाब है । दूसरे बच्चे ने कहा, मुझे लगता है – “पलक झपकना” सबसे तेज होता है, हमें पता भी नहीं चलता और पलकें झपक जाती हैं और अक्सर कहा जाता है,”पलक झपकते”कार्य हो गया । प्राचार्य बोले – बहुत खूब, बच्चे दिमाग लगा रहे हैं । तीसरे बच्चे ने कहा – “बिजली”, क्योंकि मेरे यहाँ गैरेज, जो कि सौ फ़ुट दूर है, मैं जब बत्ती जलानी होती है, हम घर में एक बटन दबाते हैं, और तत्काल वहाँ रोशनी हो जाती है,तो मुझे लगता है बिजली सबसे तेज होती है.. अब बारी आई चौथे बच्चे की । सभी लोग ध्यान से सुन रहे थे, क्योंकि लगभग सभी तेज बातों का उल्लेख तीनों बच्चे पहले ही कर चुके थे । चौथे बच्चे ने कहा – सबसे तेज होते हैं “दस्त”… सभी चौंके प्राचार्य ने कहा – साबित करो कैसे ? बच्चा बोला, कल मुझे दस्त हो गए थे, रात के दो बजे की बात है, जब तक कि मैं कुछ ” विचार ” कर पाता, या “पलक झपकाता” या कि “बिजली” का स्विच दबाता दस्त अपना “काम” कर चुका था । टीचर ने अपनी पीएचडी की डिग्री फाड़ दी और इस असाधारण सोच वाले बालक को ही प्रथम घोषित किया गया। 😁😁😁😁😁🙄 #📚एग्जाम जोक्स🤪 #😋 मनोरंजन की क्लास
😎 *“पेंशन — उम्र की वफ़ादार हमसफ़र”* जवानी में हम भी बड़े दिलफेंक थे, तनख़्वाह नाम की एक हसीना के संग थे। महीने की पहली तारीख को वो मुस्कुराती थी, और तीसरी तक आते-आते “अलविदा” कह जाती थी! कभी दोस्तों के साथ घूमने में चली जाती, कभी EMI के संग भाग जाती, हम ढूंढते रह जाते जेब के कोनों में, और वो “खर्चों” के संग इठलाती! फिर एक दिन ज़िंदगी ने करवट ली, बालों ने भी सफ़ेदी की साज़िश की, घुटनों ने भी कहना शुरू किया — “भाई साहब, अब आराम कीजिए ज़रा जी!” तभी एक नई नायिका ने एंट्री मारी, ना मेकअप, ना नखरे — सीधी-सादी प्यारी। नाम था उसका — “पेंशन”, और अंदाज़ था पूरा “लाइफटाइम कनेक्शन”! अब ये हर महीने टाइम पे आती है, ना बहाना बनाती, ना रूठ के जाती है। चुपचाप बैंक में आकर बैठ जाती है, और SMS करके दिल बहलाती है! “प्रिय ग्राहक, आपकी पेंशन आ गई है…” बस ये मैसेज सुनकर दिल गा उठता है! शाम की चाय के साथ जब बैठते हैं, ये कान में धीरे से कहती है — “घबराइए मत हीरो, पिक्चर अभी बाकी है… मैं यहीं हूँ!” हाँ, एक शर्त ज़रूर लगाती है ये, साल में एक बार परीक्षा लेती है ये— “जीवन प्रमाण पत्र” का फॉर्म भरवाती है, और प्यार से पूछती है — “बताइए… अभी ज़िंदा हैं?” हम भी सीना तान के कहते हैं — “अरे भई! टाइगर अभी ज़िंदा है!” और सुनिए… असली मोहब्बत तो ये है, अगर हम भी कभी चुपके से निकल जाएँ, तो ये हमारी अर्धांगिनी का हाथ थाम लेती है, उसे बिना झुके जीना सिखा देती है। ना कोई शिकवा, ना कोई शिकायत, बस चुपचाप निभाती है हर ज़िम्मेदारी की इबादत। तो दोस्तों… मोहब्बत बहुत देखी होगी आपने, पर ऐसी वफ़ादारी कम ही मिलती है। जहाँ तनख़्वाह ने साथ छोड़ा, वहाँ पेंशन ने उम्र भर साथ निभाया है। *इसलिए कहता हूँ :—* *ना घबराइए उम्र के ढलने से,* *ना परेशान होइए आने वाले कल से…* *अगर पेंशन साथ है,* *तो रिटायरमेंट भी “हनीमून फेज़” जैसा लगता है!* 😉😉😉😇😃😇 #😃 100% स्माइल फ्री