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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - कि बोलणु बोलीऐ जितु  मुहौ | सुणि धरे पिआरु $अम्रित वेला सचु नाउ वडिआई 446 3 अर्थः हे भाई! हम अपने मुँह से कैसी वाणी बोलें, जिसे मीठा सुनकर वह परमात्मा हमसे प्रेम करने लगे? हमारी भाषा में मिठास और सच्चाई होनी चाहिए। प्रभु की प्रीति प्राप्त करने का माध्यम क्या है? उत्तर यह है कि अहंकार का त्याग कर గా विनम्रता और सत्य की वाणी बोलना ही उसे रिझाने का मार्ग है। अमृत वेला का शांत और प्रफुल्लित समय ही उस तेरा परमात्मा के नाम-सिमरन और उसकी महानता , बड़प्पन तथा का चिंतन करने का सर्वश्रेष्ठ समय है। केवल नाम उसके गुणों का जाप करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि परमात्मा की महिमा भाणा को अपने भीतर महसूस करना और उस पर विचार करना भी आवश्यक है। परमात्मा की प्राप्ति और सच्चा प्रेम केवल बातों से नहीं, बल्कि अमृत वेले की साधना और मीठी वाणी के निरंतर अभ्यास से संभव होता है। सिमरन और विचार से जो आत्मिक शांति मिलती है, वही परमात्मा की ओर से दिया गया असली सम्मान या सिरोपा है।मनुष्य अक्सर विकारों और झूठे मोह में फंसा रहता है; लेकिन नाम सिमरन अहंकार और के द्वार ' अज्ञान के उस पर्दे को हटाकर जीव को ईश्वर तक पहुँचा देता 81" कि बोलणु बोलीऐ जितु  मुहौ | सुणि धरे पिआरु $अम्रित वेला सचु नाउ वडिआई 446 3 अर्थः हे भाई! हम अपने मुँह से कैसी वाणी बोलें, जिसे मीठा सुनकर वह परमात्मा हमसे प्रेम करने लगे? हमारी भाषा में मिठास और सच्चाई होनी चाहिए। प्रभु की प्रीति प्राप्त करने का माध्यम क्या है? उत्तर यह है कि अहंकार का त्याग कर గా विनम्रता और सत्य की वाणी बोलना ही उसे रिझाने का मार्ग है। अमृत वेला का शांत और प्रफुल्लित समय ही उस तेरा परमात्मा के नाम-सिमरन और उसकी महानता , बड़प्पन तथा का चिंतन करने का सर्वश्रेष्ठ समय है। केवल नाम उसके गुणों का जाप करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि परमात्मा की महिमा भाणा को अपने भीतर महसूस करना और उस पर विचार करना भी आवश्यक है। परमात्मा की प्राप्ति और सच्चा प्रेम केवल बातों से नहीं, बल्कि अमृत वेले की साधना और मीठी वाणी के निरंतर अभ्यास से संभव होता है। सिमरन और विचार से जो आत्मिक शांति मिलती है, वही परमात्मा की ओर से दिया गया असली सम्मान या सिरोपा है।मनुष्य अक्सर विकारों और झूठे मोह में फंसा रहता है; लेकिन नाम सिमरन अहंकार और के द्वार ' अज्ञान के उस पर्दे को हटाकर जीव को ईश्वर तक पहुँचा देता 81" - ShareChat