ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - और घर से निकलकर सुरक्षित घर पहुचना... वापस ऐसा आशीर्वाद है भगवान क। जिसे लोग कभी आंकते ही नहीं...! खामोशियां... और घर से निकलकर सुरक्षित घर पहुचना... वापस ऐसा आशीर्वाद है भगवान क। जिसे लोग कभी आंकते ही नहीं...! खामोशियां... - ShareChat