ShareChat
click to see wallet page
search
#सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम)
सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम) - कदम उस दिशा में हैं तुम्हारा लक्ष्य क्या है ? 5R इसकी समीक्षा कौन करेगा ? रिश्ते नाते प्रतिष्ठित होने की चाह और सुख-्शांति की आशा मे धन-संपत्ति एकत्र करने की भाग दौड़ 3নন: शोक दुःख भय और असंतोष की प्राप्ति जिसकी कल्पना कभी की भी नही थी ! जब तक ज्ञात होता है कि सुख सिर्फ निःस्वार्थ कर्म मे है,संचयन मे नहीं IT#8! मे नहीं स्वयं के भीतर देखने मे दूसरों है ! तब तक लक्ष्य जो कभी दूर था ही नहीं से बहुत दूर भटक कर भ्रम की भूल मे पूरी तरह फंस भुलैया चुके होते हो और सिर्फ तुम और तुम्हारे कर्म के अतिरिक्त कुछ भी तुम्हारा नहीं है इस एक सत्य को छोड़कर शेष सब कुछ स्वीकार कर चुके होते हो ! कदम उस दिशा में हैं तुम्हारा लक्ष्य क्या है ? 5R इसकी समीक्षा कौन करेगा ? रिश्ते नाते प्रतिष्ठित होने की चाह और सुख-्शांति की आशा मे धन-संपत्ति एकत्र करने की भाग दौड़ 3নন: शोक दुःख भय और असंतोष की प्राप्ति जिसकी कल्पना कभी की भी नही थी ! जब तक ज्ञात होता है कि सुख सिर्फ निःस्वार्थ कर्म मे है,संचयन मे नहीं IT#8! मे नहीं स्वयं के भीतर देखने मे दूसरों है ! तब तक लक्ष्य जो कभी दूर था ही नहीं से बहुत दूर भटक कर भ्रम की भूल मे पूरी तरह फंस भुलैया चुके होते हो और सिर्फ तुम और तुम्हारे कर्म के अतिरिक्त कुछ भी तुम्हारा नहीं है इस एक सत्य को छोड़कर शेष सब कुछ स्वीकार कर चुके होते हो ! - ShareChat