Rajnee Gupta
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भाग्य बदलने की शुरुआत बाहर से नहीं, भीतर लिए गए एक अटल संकल्प से होती है।
जब मन बहानों से ऊपर उठकर लक्ष्य के प्रति समर्पित हो जाता है, तब परिस्थितियाँ बाधा नहीं, साधन बन जाती हैं। हर बार सही निर्णय चुनना, हर गिरावट के बाद फिर उठना और हर चुनौती में भी विश्वास बनाए रखना... यही दृढ़ संकल्प की पहचान है।
परमात्मा कहते हैं, *एक कदम आप बढ़ाइए, हजार कदम मैं साथ चलूँगा।* जब संकल्प पवित्र हो और कर्म निरंतर, तब बंद दिखाई देने वाले द्वार भी खुलने लगते हैं। #📃लाइफ कोट्स ✒️
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