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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - मालूम है की ख़्वाब झूठे हैं और ख़्वाहिशें अधूरी हैं लिए ज़िंदा रहने के ٦ कुछ गलतफहमियाँ भी ज़रूरी हैं अभ्युदय साहित्य | गुलज़ार मालूम है की ख़्वाब झूठे हैं और ख़्वाहिशें अधूरी हैं लिए ज़िंदा रहने के ٦ कुछ गलतफहमियाँ भी ज़रूरी हैं अभ्युदय साहित्य | गुलज़ार - ShareChat