Rajnee Gupta
692 views • 7 days ago
भय बाहर की परिस्थितियों से कम, भीतर के कमजोर संकल्पों से अधिक जन्म लेता है। जब मन बार-बार हार, असफलता या अनिश्चितता की कल्पना करता है, तब डर मजबूत होता जाता है। लेकिन जैसे ही संकल्प बदलते हैं, चेतना बदलती है और वही परिस्थिति छोटी लगने लगती है।
हर दिन स्वयं को याद दिलाइए... मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ। परमात्मा की शक्ति मेरे साथ है। कोई भी परिस्थिति मुझसे बड़ी नहीं है। यही संकल्प मन में साहस, स्थिरता और आत्मविश्वास का प्रकाश जगा देते हैं।
अपने भय से मत लड़िए, अपने संकल्पों को शक्तिशाली बनाइए। क्योंकि जब भीतर विश्वास जागता है, तब बाहर की हर दीवार गिरने लगती है।
@everyone
#📃लाइफ कोट्स ✒️
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