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शेर को मिर्जा गालिब #✒ शायरी
✒ शायरी - शेर बिजली इक कूंद गई आंखों के आगे तो क्या करते के मैं लब बात 8 तिश्ना ए॰्तक़रीर भी था ed भावार्थः reepi आपके दीदार से इक बिजली सी कूंद गई तो क्या हुआ, मैं तो इससे ख़ौफ़ज़दा नहीं हुआ। मैं आपके दीदार के साथ ही आपसे e बात करने का भी आरज़ूमंद था। आपको बात भी करना मुझसे  चाहिए थी। শালিন Motivatonat Videos App Want' शेर बिजली इक कूंद गई आंखों के आगे तो क्या करते के मैं लब बात 8 तिश्ना ए॰्तक़रीर भी था ed भावार्थः reepi आपके दीदार से इक बिजली सी कूंद गई तो क्या हुआ, मैं तो इससे ख़ौफ़ज़दा नहीं हुआ। मैं आपके दीदार के साथ ही आपसे e बात करने का भी आरज़ूमंद था। आपको बात भी करना मुझसे  चाहिए थी। শালিন Motivatonat Videos App Want' - ShareChat